Darbhanga News: ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने का दावा करने वाला बेनीपुर अनुमंडलीय अस्पताल खुद बीमार नजर आ रहा है. विभागीय उदासीनता और संसाधनों की बर्बादी का आलम यह है कि यहाँ लाखों की लागत से बनी अल्ट्रासाउंड मशीन और ICU वार्ड सफेद हाथी साबित हो रहे हैं. आलम यह है कि जहाँ अल्ट्रासाउंड कक्ष में वर्षों से ताला लटका है, वहीं ICU मशीनें बिना उपयोग के जंग की भेंट चढ़ रही हैं.
निजी नर्सिंग होम के चंगुल में फंस रहे मरीज
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड और आपातकालीन सेवाओं के ठप होने का सीधा खामियाजा गरीब मरीजों को भुगतना पड़ रहा है. सरकारी अस्पताल से मायूस होकर मरीज निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों और अवैध रूप से चल रहे नर्सिंग होम की ओर रुख करने को मजबूर हैं. यहाँ मरीजों का न केवल आर्थिक शोषण हो रहा है, बल्कि बिना डिग्री वाले चिकित्सकों के कारण उनके स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ हो रहा है.
विधायक की सदन में आवाज भी बेअसर
बेनीपुर के विधायक विनय कुमार चौधरी ने इस मुद्दे को बिहार विधानसभा के सदन में भी प्रमुखता से उठाया था. उन्होंने सत्ता पक्ष में रहते हुए भी अपने ही स्वास्थ्य मंत्री को घेरते हुए इन सेवाओं को तत्काल चालू करने की मांग की थी. लेकिन विधायक की पहल के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि तकनीशियन के अभाव में अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहा है. सवाल यह उठता है कि क्या सदन में मामला उठने के बाद भी सरकार और विभाग की कुंभकर्णी नींद नहीं खुलेगी?
बेनीपुर दरभंगा से सुबोध नारायण पाठक का रिपोर्ट
