दरभंगा से सतीश कुमार की रिपोर्ट
Darbhanga News: मिथिला के विकास में एक और बड़ा अध्याय जुड़ने जा रहा है . दरभंगा एयरपोर्ट परिसर में फ्लाइंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (एफटीओ) खोलने की तैयारी तेज हो गई है. बिहार सरकार और केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय के बीच इस महत्वाकांक्षी योजना को लेकर सैद्धांतिक सहमति बन गई है. इसके बाद दरभंगा एयरपोर्ट अब सिर्फ यात्री विमान सेवा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पायलट प्रशिक्षण और एविएशन सेक्टर का एक बड़ा हब बनेगा. पटना के बाद यह बिहार का दूसरा फ्लाइंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट होगा.
युवाओं को नहीं जाना होगा दूसरे राज्य
दरभंगा में पायलट ट्रेनिंग सेंटर शुरू होने से बिहार के युवाओं की दूसरे राज्यों पर निर्भरता खत्म होगी. एविएशन सेक्टर में करियर बनाने की चाहत रखने वाले छात्रों को अब अपने ही राज्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रशिक्षण सुविधाएं मिल सकेंगी. इस संस्थान के शुरू होने से प्रशिक्षु पायलटों के साथ-साथ प्रशिक्षकों, तकनीकी कर्मचारियों और ग्राउंड स्टाफ के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, जिसका सीधा लाभ स्थानीय युवाओं को मिलेगा.
पैसेंजर ग्रोथ में भी अव्वल है दरभंगा एयरपोर्ट
सीमित संसाधनों के बावजूद उड़ान योजना के तहत पैसेंजर ग्रोथ के मामले में दरभंगा एयरपोर्ट ने देश में अपनी अलग पहचान बनाई है. 8 नवंबर 2020 को शुरू हुए इस हवाई अड्डे से वर्तमान में पांच प्रमुख महानगरों (दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता और हैदराबाद) के लिए सीधी विमान सेवा उपलब्ध है. इनमें दिल्ली रूट पर यात्रियों की संख्या सबसे अधिक रहती है. अब फ्लाइंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना से विमानन क्षेत्र में मिथिला की भूमिका और भी मजबूत होगी.
