दरभंगा: नदी थाना क्षेत्र के विशुनिया गांव में शुक्रवार की सुबह बिजली के टूटे तार की चपेट में आने से छह वर्षीय बच्ची की मौत हो गयी. घर के बाहर खेलने निकली लक्ष्मी कुमारी जमीन पर पड़े बिजली के तार के संपर्क में आ गयी. तार में करंट प्रवाहित हो रहा था, जिसकी चपेट में आने से बच्ची की जान चली गयी.
मृतका लक्ष्मी विशुनिया गांव निवासी स्वर्गीय रामचंद्र यादव की पुत्री थी. वह तीन भाइयों की सबसे छोटी और इकलौती बेटी थी. परिवार की लाडली बेटी की अचानक मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. हादसे की खबर मिलते ही गांव में चीख-पुकार मच गयी और देखते ही देखते पूरे गांव में मातम छा गया.
आंधी में टूटकर जमीन पर गिरा था बिजली का तार
बताया जाता है कि गुरुवार की रात क्षेत्र में तेज आंधी आयी थी. इसी दौरान बिजली पोल से तार टूटकर जमीन पर गिर गया. रात का समय होने के कारण टूटे तार की जानकारी समय पर नहीं हो सकी.
शुक्रवार की सुबह लक्ष्मी रोज की तरह घर से खेलने के लिए निकली. खेलते-खेलते वह जमीन पर पड़े बिजली के तार के पास पहुंच गयी और अनजाने में उसके संपर्क में आ गयी. तार में दौड़ रहा करंट मासूम की जिंदगी पर भारी पड़ गया और करंट लगते ही लक्ष्मी वहीं गिर पड़ी.
अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने मृत घोषित किया
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गयी. परिजन आनन-फानन में बच्ची को लेकर कुशेश्वरस्थान अस्पताल पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया.
बेटी की मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया. मृतका की मां ने रोते हुए कहा, "भगवान ने क्या दुःख दे दिया, पहले पति को उठा लिया, अब एक बेटी थी उसे भी उठा लिया." इतना कहते हुए वह फफक कर रोने लगी.
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना की सूचना मिलते ही नदी थानाध्यक्ष सुशील कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली. पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया.
एक तार ने उजाड़ दी परिवार की खुशियां
ग्रामीणों ने घटना पर गहरा दुख और आक्रोश जताया. लोगों ने बिजली विभाग से मांग की कि आंधी-तूफान के बाद टूटे तार और क्षतिग्रस्त बिजली पोल की तत्काल जांच करायी जाए.
ग्रामीणों का कहना है कि खुले में पड़े बिजली के तार किसी भी समय मौत का कारण बन सकते हैं. आंधी के बाद बिजली आपूर्ति बंद कर टूटे तारों की जांच और उन्हें हटाने की व्यवस्था तत्काल होनी चाहिए. लोगों ने कहा कि यदि समय रहते टूटे तार की सूचना मिल जाती या बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती, तो शायद छह साल की मासूम लक्ष्मी आज अपने परिवार के बीच होती.
