Darbhanga News: दरभंगा के प्रेक्षागृह में शुक्रवार से भाकपा माले का 12वां राज्य सम्मेलन शुरू हो गया. 18 मई तक चलने वाले इस सम्मेलन के पहले दिन “बुलडोजर राज के खिलाफ लोकतंत्र का सवाल” विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई.
लोकतंत्र और संविधान पर हुई चर्चा
भाकपा माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा के बुलडोजर राज के खिलाफ लड़ाई दूसरी आजादी की जंग है. उन्होंने कहा कि देश की जनता को लोकतंत्र और संविधान बचाने के लिए नई लड़ाई लड़नी होगी.
उन्होंने आरोप लगाया कि सुशासन की जगह अब बुलडोजर राजनीति हावी हो गई है और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सत्ता का कब्जा लगातार बढ़ता जा रहा है.
बुलडोजर राजनीति पर साधा निशाना
दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि मजदूर न्यूनतम मजदूरी के लिए संघर्ष कर रहे हैं. छात्रों के आंदोलन, सीएए विरोध और किसान आंदोलन ने नई राजनीतिक ताकत पैदा की है. उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन भी इन्हीं जनसंघर्षों की पृष्ठभूमि में बना है.
दीपांकर ने संविधान की रक्षा को जरूरी बताते हुए कहा कि न्याय, समानता और भाईचारे की रक्षा हर हाल में करनी होगी.
सम्मेलन में जुटे वाम दलों के नेता
कार्यक्रम में राजद प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल, कांग्रेस नेता मदन मोहन झा और सांसद राजाराम सिंह समेत कई नेताओं ने भी अपने विचार रखे. मंगनीलाल मंडल ने डबल इंजन सरकार पर निशाना साधते हुए चुनाव के दौरान पैसे बांटे जाने का आरोप लगाया.
सीपीआई राज्य सचिव रामनरेश पांडेय ने कहा कि वामपंथ को देश की लड़ाई लड़नी होगी. वहीं माले नेत्री मीना तिवारी ने महिलाओं, शिक्षकों और मजदूरों पर बढ़ते दमन के खिलाफ संघर्ष तेज करने की बात कही.
सम्मेलन की शुरुआत नागार्जुन, भीमराव आंबेडकर, चंद्रशेखर आजाद, महात्मा गांधी और राम मनोहर लोहिया समेत अन्य नेताओं को श्रद्धांजलि देकर हुई. लहेरियासराय स्टेशन से सम्मेलन स्थल तक मार्च निकाला गया और शहीद वेदी पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई.
दरभंगा से राजकुमार रंजन की रिपोर्ट
