Darbhanga Airport: दरभंगा हवाई अड्डे से संचालित होने वाली उड़ानों की संख्या में की गई कटौती का सीधा असर अब यहां आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या पर दिखने लगा है. पिछले कुछ हफ्तों के मुकाबले हवाई यात्रियों के ग्राफ में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है.गुरुवार को दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद के लिए संचालित मात्र आठ उड़ानों से केवल 1349 यात्रियों ने सफर किया, जो कि सामान्य दिनों के मुकाबले काफी कम है. बता दें कि कुछ सप्ताह पहले तक दरभंगा एयरपोर्ट से रोजाना 1700 से लेकर 2500 के बीच यात्री आवागमन कर रहे थे.
उड़ानों की कमी के बीच समय पर परिचालन से मिली राहत
भले ही उड़ानों की संख्या में कमी आई हो, लेकिन गुरुवार को राहत की बात यह रही कि सभी विमानों का परिचालन लगभग अपने निर्धारित समय पर हुआ. चारों महानगरों (दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद) के लिए कुल आठ विमानों का आगमन और प्रस्थान समय पर होने से यात्रियों को एयरपोर्ट पर लंबी प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ी. समय पर उड़ानें संचालित होने के कारण टर्मिनल पर भीड़ नियंत्रित रही और सुरक्षा जांच से लेकर बोर्डिंग तक की प्रक्रिया बेहद सुचारु रूप से पूरी हुई.
दिल्ली रूट के यात्री सबसे अधिक बेहाल, टिकट दरें भी आसमान पर
हाल के दिनों में एयरलाइनों द्वारा विमानों की कमी और परिचालन संबंधी कारणों का हवाला देकर उड़ानों की संख्या कम कर दी गई है. इस कटौती की सबसे बड़ी मार दिल्ली रूट के यात्रियों पर पड़ रही है.सीमित सीटें और महंगा किराया:उड़ानों की संख्या घटने के कारण कई मुख्य तिथियों में हवाई टिकटों के दाम काफी बढ़ गए हैं, जिससे यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है.यात्रा योजना में बदलाव:सीमित विकल्पों की वजह से बहुत से लोगों को ऐन वक्त पर अपनी यात्रा का शेड्यूल बदलना पड़ रहा है.
उत्तर बिहार का मुख्य केंद्र है दरभंगा एयरपोर्ट
यात्रियों का कहना है कि दरभंगा एयरपोर्ट आज पूरे उत्तर बिहार का सबसे प्रमुख हवाई केंद्र बन चुका है. यहां से हर रोज हजारों लोग आजीविका, इलाज और शिक्षा के लिए देश के विभिन्न महानगरों का रुख करते हैं. ऐसे में उड़ानों की संख्या घटाना बेहद निराशाजनक है. स्थानीय लोगों और यात्रियों ने मांग की है कि एयरलाइंस जल्द से जल्द विमानों की संख्या बढ़ाकर पहले की तरह नियमित उड़ानें बहाल करें, ताकि लोगों को किफायती और सुविधाजनक हवाई यात्रा का लाभ मिल सके.
