Darbhanga: आज से तिपहिया वाहनों पर स्कूल नहीं जा सकेंगे बच्चे

जिले में हजारों बच्चे ऑटो और ई- रिक्शा से निजी स्कूलों के आते जाते हैं. एक अप्रैल से बच्चों को स्कूल लाने व ले जाने में अब तिपहिया वाहनों का उपयोग नहीं हो सकेगा.

दरभंगा. जिले में हजारों बच्चे ऑटो और ई- रिक्शा से निजी स्कूलों के आते जाते हैं. एक अप्रैल से बच्चों को स्कूल लाने व ले जाने में अब तिपहिया वाहनों का उपयोग नहीं हो सकेगा. ऑटो या ई-रिक्शा का स्कूली बच्चों के आवागमन में उपयोग किये जाने पर वैधानिक कार्रवाई की जायेगी. सरकार की सड़क सुरक्षा परिषद ने इन वाहनों से बच्चों के ढ़ोए जाने पर 01 अप्रैल से पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया है. नया शैक्षणिक सत्र ��क अप्रैल से प्रारंभ हो रहा है. नए सत्र से अब बच्चे ऑटो और ई- रिक्शा से नहीं ढोए जा सकेंगे. राज्य परिवहन सह बिहार सड़क सुरक्षा परिषद के सचिव संजय कुमार अग्रवाल एवं सहायक पुलिस महानिरीक्षक (यातायात) सुधांशु कुमार ने जिला स्तरीय वाहन परिवहन अनुश्रवण समिति सह जिला सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष सह डीएम, समिति के सदस्य सह एसएसपी के अलावा समिति के सदस्य सह आरटीओ, डीडीसी, अपर समाहर्ता, यातायात एसपी, डीटीओ, एमवीआइ, पथ निर्माण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी को पहले ही पत्र लिख कर निर्णय की जानकारी दे दी गयी है. जारी पत्र में कहा है कि सभी हितधारक सह सभी सदस्य, जिम्मेवारी का दृढ़तापूर्वक अनुपालन सुनिश्चित करावें. साथ ही दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई भी करें.

इन कारणों से किया गया प्रतिबंधित

राज्य परिवहन विभाग एवं बिहार पुलिस मुख्यालय (यातायात प्रभाग) स्तर से जारी पत्र में कहा गया है कि तीन पहिया वाहन, नगर क्षेत्र में छोटी दूरी के लिए मंद गति परिवहन का माध्यम जरूर है, परंतु इनमें सारी सुरक्षा विशिष्टियां कार्यरत नहीं होती है. इन वाहनों में चालक एवं यात्रियों द्वारा सीट बेल्ट पहनने की सुविधा नहीं होती. वाहन के आगे एवं पीछे हेड लाइट एवं वार्निंग लाइट, व्यू मिरर, वाइपर, सिगनलिंग डिवाइस आदि दूसरे वाहनों की तुलना में कमजोर होता है. बावजूद अधिकांश तिपहिया वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को ढ़ोया जाता है. इन वाहनों में यात्रा करना यात्रियों अथवा बच्चों के लिए खतरनाक है.

विकल्प ढूंढ रहे अभिभावक

आदेश जारी होते ही निजी विद्यालयों में नामांकित बच्चों के अभिभावक ई-रिक्शा एवं ऑटो का विकल्प ढूंढना शुरू कर दिये. कुछ अभिभावक स्कूलों से संबंधित रूट के लिये बस सेवा शुरू करने की मांग किये हैं. वहीं कई अभिभावकों ने बताया कि वे अब खुद से ही बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने का मन बना लिये हैं.

भारतीय ऑटो रिक्शा चालक संघ लेगा निर्णय

भारतीय ऑटो रिक्शा चालक संघ ने सरकार के इस निर्णय का विरोध किया है. संघ के जिला अध्यक्ष प्रमोद कुमार चौधरी का कहना है कि इस निर्णय से संबंधित चालकों की परेशानी बढ़ जाएगी. लोगों की आर्थिक स्थिति कमजोर होगी. यह निर्णय गरीब विरोधी है. कहा कि इस निर्णय के खिलाफ आंदोलन करने के लिए जल्द निर्णय लिया जायेगा.

तिपहिया वाहनों से किसी भी सूरत में 01 अप्रैल से स्कूली बच्चे नहीं ढ़ोये जा सकेंगे. पकड़े जाने पर दोषी चालकों के विरुद्ध कार्रवाई हो सकती है. जिम्मेवारी का दृढ़तापूर्वक अनुपालन कराने के लिए परिवहन विभाग के संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है. साथ ही यातायात से जुड़े पदाधिकारियों से सहयोग की अपील की गई है.

डीटीओ, दरभंगा

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Published by: Ranjeet thakur

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