BPSC को मिला बड़ा अधिकार, परीक्षा पैटर्न पर आयोग ले सकेगा फैसला

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को परीक्षा के पैटर्न पर फैसला लेने का नया अधिकार मिला है. अब आयोग अपनी जरूरत के अनुसार परीक्षा को एक या दो चरणों में आयोजित कर सकेगा. यह बदलाव शिक्षक भर्ती परीक्षाओं पर भी असर डाल सकता है.

Darbhanga News: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को अब एकल चरण में आयोजित होने वाली परीक्षाओं को आवश्यकता पड़ने पर दो चरणों में आयोजित करने का अधिकार मिल गया है. सामान्य प्रशासन विभाग ने पूर्व में जारी आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए स्पष्ट किया है कि परीक्षा की प्रकृति और प्रक्रिया तय करने का अधिकार आयोग के पास रहेगा.

सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया संशोधित आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव मनोज कुमार झा द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि बिहार लोक सेवा आयोग (रूल ऑफ प्रोसीजर), 1996 के तहत आयोग परीक्षा की योजना, विषय और आयोजन प्रक्रिया तय करने के लिए स्वतंत्र एवं सक्षम प्राधिकार है. इसी आधार पर आयोग अब आवश्यकता के अनुसार परीक्षा का प्रारूप निर्धारित कर सकेगा.

जरूरत पड़ने पर दो चरणों में होगी परीक्षा

पत्र के अनुसार आयोग अभ्यर्थियों की संख्या और परीक्षा की आवश्यकता को देखते हुए वस्तुनिष्ठ प्रारंभिक परीक्षा के माध्यम से शॉर्टलिस्टिंग कर सकता है. साथ ही ओएमआर आधारित मूल्यांकन की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है. अब यह निर्णय भी आयोग स्वयं करेगा कि परीक्षा एक चरण में होगी या दो चरणों में.

शिक्षक भर्ती परीक्षा पर पड़ सकता है असर

इस संशोधन के बाद भविष्य में शिक्षक नियुक्ति समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पैटर्न में बदलाव की संभावना बढ़ गई है. अभ्यर्थियों की संख्या और परीक्षा की आवश्यकता के अनुसार आयोग दो चरणों वाली परीक्षा आयोजित करने का निर्णय ले सकता है.


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Author: Minu gupta

Published by: Purushottam Kumar

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