Darbhanga News: बागमती संघर्ष मोर्चा ने बागमती परियोजना की समीक्षा कराने की मांग की है. मोर्चा ने जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी से परियोजना का रिव्यू कराने की अपील करते हुए कहा कि सरकार परियोजना की समीक्षा करे तो पूरे बागमती क्षेत्र को बाढ़ की समस्या से काफी हद तक मुक्त किया जा सकता है. मोर्चा के सदस्यों ने परियोजना क्षेत्र का निरीक्षण कर इसकी वर्तमान स्थिति का जायजा लिया.
परियोजना क्षेत्र का किया निरीक्षण
मोर्चा के नवल किशोर सिंह, रामलोचन सिंह, राज कुमार मंडल, रामा शंकर राय, हुकुमदेव प्रसाद यादव, चंद्रशेखर राय, जगन्नाथ पासवान, सीता राम राय, रंजीत प्रसाद सिंह, ललित राय, विवेक कुमार और पप्पू कुमार सहित अन्य सदस्य हथौड़ी पहुंचे.
मोर्चा के सदस्यों ने वहां बागमती नदी और उसके दोनों किनारों पर बने तटबंधों की स्थिति का निरीक्षण किया. सदस्यों के अनुसार, बागमती नदी के दोनों किनारों पर 1960 के दशक में ही तटबंध का निर्माण किया गया था.
तटबंधों के बीच कम दूरी से बहाव प्रभावित होने का दावा
मोर्चा के सदस्यों ने बताया कि हथौड़ी क्षेत्र में दोनों तटबंधों के बीच की दूरी कई स्थानों पर काफी कम है. नदी पर बने पुल के आसपास भी जल प्रवाह के लिए पर्याप्त जगह नहीं होने का दावा किया गया.
मोर्चा का कहना है कि तटबंधों के बीच नदी का क्षेत्र पर्याप्त चौड़ा नहीं होने के कारण बागमती के पानी का प्रवाह प्रभावित होता है. इसके परिणामस्वरूप दरभंगा के पश्चिमी क्षेत्र और मुजफ्फरपुर जिले के पूर्वी इलाके में बाढ़ की समस्या बनी रहती है.
परियोजना को बताया इलाके के लिए अभिशाप
मोर्चा के सदस्यों ने कहा कि अदूरदर्शिता के कारण बागमती परियोजना दरभंगा और मुजफ्फरपुर जिले के संबंधित क्षेत्रों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है.
मोर्चा ने जल संसाधन विभाग से परियोजना की तकनीकी और व्यावहारिक स्थिति की समीक्षा कराने की मांग की है. सदस्यों का कहना है कि नदी के प्राकृतिक जल प्रवाह को ध्यान में रखते हुए परियोजना में आवश्यक बदलाव किये जाने चाहिए, ताकि बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान तलाशा जा सके.
