प्रतिनिधि, बहादुरपुर. प्रखंड क्षेत्र के बिउनी अंदामा पंचायत के अंदामा गांव के कबीर संस्थान को बिहार सरकार ने बड़ी सौगात मिली है. प्रतिवर्ष माघ पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाले सद्गुरु कबीर महोत्सव को राजकीय सांस्कृतिक कैलेंडर-2026 में शामिल कर उसे राजकीय दर्जा प्रदान किया है. इस खबर से पंचायत में खुशी की लहर है. इस संबंध में कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है. अंदामा कबीर स्थान सद्गुरु कबीर की तपोस्थली के रूप में प्रसिद्ध है. यहां हर वर्ष माघ पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाले कबीर महोत्सव में देश-विदेश से कबीरपंथी साधु-संत, महात्मा, श्रद्धालु, पर्यटक एवं अनुयायी शामिल होते हैं. महोत्सव की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को देखते हुए राज्य सरकार ने इसे राजकीय मान्यता प्रदान की है.
धार्मिक पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा कबीर महोत्सव के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक एवं अंतरराष्ट्रीय महत्व से राज्य सरकार और जिला प्रशासन को अवगत कराया है. डीएम कौशल कुमार एवं जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी चंदन कुमार के सहयोग से यह प्रस्ताव बिहार सरकार को भेजा गया, जिसे अंततः स्वीकृति मिल गई. निर्णय को कबीरपंथी समाज और क्षेत्र के लोगों ने ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए बिहार सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है. अब उम्मीद की जा रही है कि राजकीय दर्जा मिलने से अंदामा कबीर महोत्सव की पहचान और अधिक व्यापक होगी तथा धार्मिक पर्यटन को भी नया बढ़ावा मिलेगा.
राज्य सरकार की ओर से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए पेयजल, स्वच्छता, सुरक्षा, चिकित्सा, आवागमन सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. राज्य स्तर के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे इस महोत्सव को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी. अंदामा कबीर स्थान के वर्तमान पीठाधीश्वर आचार्य गुरु अंदामा साहेब सुशील प्रसाद सिंह के प्रति आभार व्यक्त किया गया, जिन्होंने इस प्रस्ताव का समर्थन किया. वहीं, राज्य सरकार द्वारा प्रस्ताव को स्वीकृति देने के लिए मुख्यमंत्री एवं कला, संस्कृति मंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया गया.
