बाल सुधार गृह कॉल करने पर नहीं उठता मोबाइल, भटक रहे अिभभावक
दरभंगा : चाइल्ड लाइन से सुधार गृह लाये गये बच्चों को मुक्त कराने को ले अभिभावकों को भटकना पर रहा है. उन्हें न तो बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष कमरे आलम से मुलाकात होती है और न ही किसी सदस्य से. सोमवार की देर रात तक अबोध बच्चे के अभिभावक दर-दर भटकते हरे. मंगलवार की सुबह आपबीती सुनाते हुए कुशेश्वरस्थान के इटहर गांव निवासी भुट्टो सदा, निर्मल सदा, पवन देवी, रमिया देवी, हरेकृष्ण सदा, कैलाश देवी, फगुनी सदा, ब्रह्मपुर सिंहवाड़ा निवासी इस्तेयाक तथा बिरौल सुपौल निवासी मो. मुस्तफा ने बताया कि बच्चा को दरभंगा स्टेशन से एक सप्ताह पूर्व चाइल्ड लाइन ने पकड़ लिया था. बाल कल्याण समिति द्वारा सूचना दी गयी. उस रोज से मजदूरी छोड़ सुधार गृह का दौड़ लगा रहे हैं. परेशानी इतनी की खाने के लाले पड़ गये हैं. ठंड में जहां-तहां रात गुजार रहे हैं.
महिलाओं के इज्जत बचाने का अलग से डर सता रहा है. बच्चे को छोड़ेंगे या नहीं यह भी कल्याण समिति नहीं बताती है. बच्चे को छुड़ाने साथ आये कुशेश्वरस्थान वार्ड सदस्य भागेश्वर सदा ने बताया कि जनप्रतिनिधि के नाते ग्रामीणों को मदद करने सुधार गृह आये हैं, परंतु वार्ता करने को कोई सामने नहीं आ रहा है. जिस नंबर से कॉल किया गया कभी फूल रिंग हो रहा है तो कभी स्वीच ऑफ बताता है. भटकते अथवा श्रम के लिए बाहर ले जाये जाते बच्चे को चाइल्ड लाइन द्वारा रोका जाता है. जीआरपी में सनहा दर्ज कर मेडिकल जांच के बाद बाल सुधार गृह में लाया जाता है. सप्ताह में चार दिन बाल कल्याण समिति की बैठक होती है.
कहीं से नहीं मिल रही समुचित जानकारी
छानबीन के बाद बच्चे को मुक्त किया जाता है. प्रकाश पर्व को ले छुट्टी की वजह से बैठक नहीं हो सकी थी. इसी वजह से बच्चे सुधार गृह में रोक लिये गये होंगे.
कमरे आलम,
बाल कल्याण समिति अध्यक्ष
