कैशलेस ट्रांजेक्शन में नहीं बढ़ रही लोगों की रुचि

दरभंगा : नोटबंदी के बाद से जिले में कैशलेस ट्रांजेक्शन दो प्रतिशत भी नहीं हो रहा है. 15 सौ दुकानदारों के पास स्वीप मशीन की व्यवस्था है. करीब 12 सौ दुकानदार स्वीप मशीन के लिए आवेदन दे रखा है. अभी तक उन्हें मशीन मुहैया नहीं करायी गयी है. गांव देहातों में बाजार का हाल और […]

दरभंगा : नोटबंदी के बाद से जिले में कैशलेस ट्रांजेक्शन दो प्रतिशत भी नहीं हो रहा है. 15 सौ दुकानदारों के पास स्वीप मशीन की व्यवस्था है. करीब 12 सौ दुकानदार स्वीप मशीन के लिए आवेदन दे रखा है.

अभी तक उन्हें मशीन मुहैया नहीं करायी गयी है. गांव देहातों में बाजार का हाल और बुरा है. हाट बाजार में कैशलेस की मार से व्यापारी एवं खरीददार काफी परेशान हैं. नोट से ही लेन देन हो रहा है. छुट्टा नोट की कमी से स्थिति विकट है. भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य प्रबंधक सरकार के प्रतिनिधि के रुप में कार्यरत हैं. जिला में कार्यरत 221 बैंक शाखवा एवं एटीएम पर इन अधिकारियों की नजर है. सुदूर देहाती क्षेत्र में नोटबंदी के बाद बाजार पर क्या असर पड़ रहा है इसकी जानकारी इन्हें है. बावजूद स्थिति नहीं बदल रही है. एटीएम से अथवा बैंक से अभी भी बड़ा नोट ग्राहकों को दिया जा रहा है. छोटे व्यापारी इसे भजाने को तैयार नहीं हैं. परिणाम यह हो रहा है कि रुपया रहते लोग परेशानी में हैं.

अब भी नकद लेनदेन से हो रहा ज्यादातर काम
1500 दुकानों में स्वीप मशीन, 12 सौ को मशीन का इंतजार
जिला में आरबीआइ से साढ़े आठ हजार करोड़ रुपये आया है. सिस्टम के अनुसार सुदूर क्षेत्र के बैंकों में पहले छुट्टा नोट भेजा जाना चाहिये. इसमें विलंब हो रहा है. कैशलेस का आमलोगों में प्रचार-प्रसार की जरूरत है.
गोविंद नारायण चौधरी, लीड बैंक प्रबंधक

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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