डीएमसीएच में इलाजरत घनश्यामपुर के जयदेवपट्टी की पुष्पा पुत्री के साथ.
दरभंगा : शादी के से ही दहेज़ की प्रताड़ना सह कर इस उम्मीद में ससुराल में बनी रही की एक न एक दिन पति का प्यार जरूर मिलेगा. लेकिन इसी बीच लड़की को जन्म देना महिला के लिए अभिशाप हो गया. आज डीएमसीएच में विवाहिता दर्द से कराह रही है. मधुबनी जिले की रहने वाली पुष्पा की शादी वर्ष 2014 में दरभंगा के घनश्यामपुर के जयदेवपट्टी निवासी बब्लू झा से हुई थी. शादी के बाद से ही दहेज की मांग को लेकर ससुरालवाले पुष्पा को प्रताड़ित करने लगे. ससुरालवालों का जुल्म सहने के बाद भी पुष्पा अपने पिया का घर नहीं छोड़ी. जब दहेज नहीं मिला तब ससुरालवाले अत्याचार की सारी हदें पार कर दी.
पुष्पा ने बताया कि पहले तो कई दिनों तक बिना खाना दिए घर में कैद कर रखा जाता था. फिर भी जी नहीं भरा तो जबर्दस्त पिटाई कर 25 दिसंबर को घर से निकाल दिया गया. ससुरालवालों की पिटाई के बाद अपनी बच्ची को गोद तक नहीं ले पा रही है. दर्द से कराह रही पीड़िता ने बताया कि पिटाई के कारण उसका एक हाथ काम नहीं कर रहा है. वह उठ भी नहीं पा रही है. पुष्पा अपने भाई और मां की मदद से इलाज़ करवा रही है. पुष्पा के भाई आशुतोष ने बताया कि थाने मामला दर्ज होने के बाद पुलिस मदद नहीं कर रही है.
