गुजरता साल . 2017 में नये संकल्पों के साथ काम करने की बना रहे योजना
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय का परिसर.
दरभंगा : नये साल की आहट आने लगी है. पांच दिन बाद नया साल आ जाएगा. इसकी आगवानी को लेकर लोग अपने-अपने तरीके से तैयारी में जुट गये हैं. युवाओं में खासकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है.
पहली जनवरी के भोजन का मीनू बनाया जाने लगा है. पिकनिक स्थल का चयन किया जा रहा है. दोस्तों तथा परिवारों के साथ बैठकर योजना बन रही है. साल का पहला दिन यादगार बन जाए, हर कोई इसकी तैयारी में जुटा हैं. प्रदेश के दर्शनीय स्थलों के साथ-साथ नेपाल की तराई की सैर की योजना भी बनायी जा रही है. नगर के कुछ चिन्हित स्थलों पर पहली जनवरी को लोगों का हूजूम उमड़ेगा. लोग वहां नाचेंगे, गायेंगे, खायेंगे, पीयेंगे तथा नये साल का जश्न मनायेंगे.
इन जगहों पर जुटेंगे लोग: नगर में नये साल का जश्न मनाने के लिए लोग पांच-छह स्थानों पर जुटेंगे. लनामिवि परिसर, संस्कृत विवि परिसर, रामबाग परिसर, चंद्रधारी संग्रहालय परिसर इसमें प्रमुख है. कुछ लोग फोर लेन पर भी नये साल की खुशियां मनाने पहुंचते हैं. फोर लेने पर लांग ड्राइव के साथ-साथ खुलेपन का भी अहसास लोगों को होता है. मिथिला विवि तथा संस्कृत विवि परिसर जश्न मनाने वालों का पसंदीदा स्थल रहा है.
दरभंगा राज के ऐतिहासिक भवन तथा राज किला आदि के सानिध्य में पिकनिक मनाने का आनंद लोग यहां उठाते हैं. नये साल का स्वागत करने वाले अधिकांश लोग बना बनाया खाना यहां लाकर दिनभर इंटरटेन करते हैं. वहीं कई परिवार तथा युवाओं की टोली राजपरिसर में ही भोजन तैयार कर दिनभर गीत-संगीत में डूबे रहते हैं. चंद्रधारी संग्रहालय परिसर में इस दिन घूमने वालों की संख्या काफी बढ़ जाती है. रामबाग परिसर भी दिनभर गुलजार रहता है.
मंदिरों में होगा खास इंतजाम: नगर स्थित प्रसिद्ध मंदिरों में पहली जनवरी को लोगों की भीड़ उमड़ आती है. लोग नये साल की शुरूआत में भगवती श्यामा, मां कंकाली, मलेच्छमर्दिनी तथा मनोकामना मंदिर में भगवती व भगवान का आशीष लेने पहुंचते हैं. इन मंदिरों में पहली जनवरी को अधिक भीड़ के मद्देनजर प्रबंधन व्यवस्था में जुट गया है. सुरक्षा तथा भक्तों की सहूलियत पर विशेष नजर है. भक्तों की संभावित भीड़ को देखते हुए श्यामा मंदिर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये जा रहे हैं.
नये साल का पहला दिन भी अन्य दिनों की ही तरह होगा. हां, मित्रों को नये साल की बधाई देंगे. परिवार के बीच रहकर ही नया साल शांतिपूर्वक मनाया जाएगा. मदन चौधरी, कटहलबाड़ी
नये साल की तैयारी की जा रही है. उस दिन युवाओं की भीड़ सड़कों पर उमड़ती है. परिवार के साथ घर में रहकर ही नये साल का स्वागत करूंगा. जगदीश मिश्रा, मिर्जापुर
मंदिर में पूजा अर्चना कर नये साल का स्वागत करूंगा. मां-पिता से नये साल पर आशीष लूंगा, परिवार में रहकर ही नये साल का जश्न मनाउंगा. खुशियां हंगामे के बीच नहीं अपनों के बीच ही मिलती है.
पीयूष कुमार मिश्रा
पिकनिक स्थलों पर आज कल हुड़दंग बढ़ गया है. इस कारण घर में रहकर ही नये साल का स्वागत किया जाएगा. परिवार के बीच रहकर खुशियां बांटने का मजा ही कुछ और है. अविनाश मल्लिक
दोस्तों तथा परिवार के बीच घर में ही नये साल का जश्न मनाया जाएगा. पिकनिक स्थल का माहौल ठीक नहीं रहता. हो-हंगामा तथा फूहड़ गीत से बचने के लिए घर ही बेहतर है.
निशिकांत, कादिराबाद
पहले वाला समय नहीं रहा. सभ्य लोग खुले में जाकर पिकनिक नहीं मना सकते. वहां जश्न कम उत्पात ज्यादा होता है. रविवार होने के कारण साधारण पकवान से ही नये वर्ष का स्वागत किया जाएगा. दुर्गा देवी, शुभंकरपुर
