दरभंगा : मिथिला की पौराणिकता व ऐतिहासिकता को बरकरार रखने के लिए मिथिला राज्य का गठन आवश्यक है. मिथिला की भाषा, लिपि, सभ्यता एवं परंपरा आिद की पहचान विशेष है. किंतु इस क्षेत्र के साथ हमेशा सौतेला व्यवहार हो रहा है, जिसके कारण यहां विकास गति नहीं पकड़ रहा है. इस क्षेत्र का चहुंमुखी विकास तभी संभव है, जब इस क्षेत्र का अपना अस्तित्व होगा. ये बातें मिथिला राज्य निर्माण सेना के राष्ट्रीय महासचिव राजेश कुमार झा ने प्रेसबयान जारी कर कही. कहा कि पहले चरण में जन जागरण अभियान तीन जिलों में चलाया जा रहा है. आगामी आठ नवंबर को संरक्षक समिति, आर्थिक एवं वैचारिक समिति एवं कार्यकर्ताओं की बैठक तथा नौ नवंबर को बाइक जुलूस एवं आमसभा संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में होगी.
मिथिला राज्य निर्माण को ले अधिवेशन आठ
दरभंगा : मिथिला की पौराणिकता व ऐतिहासिकता को बरकरार रखने के लिए मिथिला राज्य का गठन आवश्यक है. मिथिला की भाषा, लिपि, सभ्यता एवं परंपरा आिद की पहचान विशेष है. किंतु इस क्षेत्र के साथ हमेशा सौतेला व्यवहार हो रहा है, जिसके कारण यहां विकास गति नहीं पकड़ रहा है. इस क्षेत्र का चहुंमुखी विकास […]
