छज्जा गिरने से दो बिजलीकर्मी जख्मी हादसा. रेलवे के बिजली कार्यालय की घटना

दो साल से भवन की मरम्मत को लिख रहा कार्यालय जान जोखिम में डाल काम करते हैं कर्मी दरभंगा : दरभंगा जंकशन स्थित बिजली कार्यालय पावर अनुभाग का छज्जा गिर गया. इसकी चपेट में आने से विभाग के दो कर्मी बुरी तरह जख्मी हो गये. आनन-फानन में विभाग के पावर हेल्पर दिनेश कुमार मंडल तथा […]

दो साल से भवन की मरम्मत को लिख रहा कार्यालय

जान जोखिम में डाल काम करते हैं कर्मी
दरभंगा : दरभंगा जंकशन स्थित बिजली कार्यालय पावर अनुभाग का छज्जा गिर गया. इसकी चपेट में आने से विभाग के दो कर्मी बुरी तरह जख्मी हो गये. आनन-फानन में विभाग के पावर हेल्पर दिनेश कुमार मंडल तथा प्रशिक्षु टेक्नीशियन प्रभात कुमार झा को रेलवे अस्पताल में भरती कराया गया.
वहां डाॅ रेखा साहू ने दोनों का प्राथमिक उपचार किया. स्थिति गंभीर देख दोनों को समस्तीपुर रेल अस्पताल के लिए रेफर कर दिया. बताया जाता है कि प्रभात के बांये कंधे में जहां गंभीर चोटे आयीं हैं, वहीं दिनेश के दाहिने पांव गंभीर रूप से चोटिल हो गया है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों बाल-बाल बच गये. कारण विभाग के भवन का छज्जा इतरा जर्जर था कि बड़ा हादसा भी हो सकता था. इधर हादसे की सूचना मिलते ही दो साल से मरम्मत के नाम पर खामोश बैठा अभियंत्रण विभाग तत्काल पहुंचकर जर्जर छज्जे को पूरी तरह गिरा दिया.
गुरुवार की सुबह ड्यूटी पर सभी कर्मी पहुंचे. करीब आठ बजे कार्यालय में बुकिंग का काम चल रहा था. कुछ कर्मी गोदाम से सामान निकालने में जुटे थे. इसी दौरान बरामदे पर लटके छज्जे के नीचे प्रभात व दिनेश खड़े थे. अचानक छज्जा भरभराकर गिर गया. इसकी चपेट में दोनों आ गये. दोनों वहीं गिर गये. दोनों को रेल अस्पताल में भर्ती कराया गया.
हादसे से विभागीय कर्मियों में आक्रोश
इस हादसे से विभागीय कर्मियों के बीच आक्रोश गहरा गया. अभियंत्रण विभाग के खिलाफ उनका गुस्सा फूट पड़ा. कर्मियों का कहना था कि दो साल पहले से इस भवन की जर्जरता को लेकर आइओडब्ल्यू को पत्र लिखा जा रहा है. कई बार पदाधिकारियों ने इसको लेकर स्थल निरीक्षण भी किया. भवन की मरम्मत की जरूरत निरीक्षी पदाधिकारियों ने भी महसूस की, लेकिन मरम्मत नहीं किया जा सका. नतीजतन गुरुवार को हादसा हो गया. विद्युव विभाग की ओर से भेजे गये इस पत्र में भवन की जर्जरता के साथ ही गोदाम में पड़े सामान की क्षति के बावत सूचना देते हुए कहा गया कि इससे रेल संपत्ति का नुकसान हो रहा है.
ट्रेन के गुजरने पर हिलने लगता है पूरा भवन
सीनियर सेक्शन इंजीनियर ने आइओडब्ल्यू को पत्र लिखकर भवन को तत्काल दुरुस्त करने का अनुरोध किया था. बताया जाता है कि इस पर आइओडब्ल्यू ने प्रोपोजल मंडल मुख्यालय को भेज दिये जाने की जानकारी दी, लेकिन इस जवाब के एक साल बाद भी भवन की मरम्मत नहीं की जा सकी. विभाग में काम करनेवाले कर्मियों का कहना था कि जब कभी ट्रेन जंकशन से गुजरती है
तो पूरा भवन हिलने लगता है. दहशत के बीच जान जोखिम में डालकर कर्मी काम करने के लिए मजबूर हैं. विभाग सोया पड़ा है. विभाग के सुस्त तथा लापरवाह रवैये पर इसीआरएमसी नेता मदन कुमार महासेठ ने गहरा रोष व्यक्त किया है.

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