जागरुकता कार्यक्रम. जिला जज ने किया आह्वान
दरभंगा : मध्यस्थता से छोटे-छोटे मामले को सुलझाया जा सकता है. समाज के बुद्धिजीवी वर्ग को इसके लिए आगे आना होगा. उक्त बातें जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष अरुणेंद्र सिंह ने शनिवार को स्थानीय व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित एडीआर भवन में मध्यस्थता जागरूकता कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कही. उन्होंने कहा कि अपनी बात सामने वाले को समझाकर उसे मनवा लेना ही अच्छे मध्यस्थ का काम है. इससे न्यायालय में लंबित मुकदमों में कमी आएगी.
न्यायिक पदाधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश शैलेन्द्र कुमार ने कहा कि मध्यस्थता हमारे बीच कोई नयी चीज नहीं है. आपसी समझौता के आधार पर मामलों को समाप्त करना ही इसल उद्देश्य है. कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्राधिकार के पूर्व सचिव सह अवर न्यायधीश विनोद कुमार गुप्ता ने मध्यस्थता की प्रक्रिया एवं इससे होने वाले लाभों से लोगों को अवगत कराया. लोक अभियोजक नासिरुद्दीन हैदर ने कहा कि मध्यस्थता के सबंध में लोगों को जानकारी देकर इसका लाभ लोगों को दिलाया जा सकता है. दरभंगा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रविशंकर प्रसाद ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यस्थता से लोगों के बीच प्रेम बना रहता है.
प्रशिक्षित मध्यस्थ जीतेन्द्र नारायण झा ने कहा कि मध्यस्थता किसी भी मामलों को सरल सुगम और कम खर्च में निष्पादित करने का सर्वोत्तम उपाय है. उन्होंने कहा कि विश्व के सभी विकासशील देशों में विवाद निबटारे के वैकल्पिक व्यस्तता व मध्यस्थता प्रणाली का उपयोग हो रहा है. अधिवक्ता सह प्रशिक्षित मध्यस्थ मृदुला सिंह ने कहा कि इसके प्रचार-प्रसार की आवश्यकता है.
मौके पर प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार सिन्हा, तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजित कुमार सिन्हा, चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ब्रजेश कुमार मालवीय, अवर न्यायाधीश सह एसीजेएम राजेश कुमार द्विवेदी, रजनीश रंजन, अमित कुमार, मुंसिफ प्रथम आनंद अभिषेक, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी श्री कुलदीप, रवि पांडेय, राकेश कुमार सहित जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैनल अधिवक्ता एवं कर्मी उपस्थित थे.
कार्यक्रम को संबोधित करते जिला जज.
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