परेशानी. अतिक्रमण हटाओ अिभयान फेल
दरभंगा : शहर की अधिकांश सड़कें पूर्व से ही गली-मोहल्ले की तरह है. उसपर पूरे शहर में सड़कों के किनारे चाय-पान, कपड़े, शब्जी, नास्ता की दुकानों का ठेला अवैध रूप से कब्जा जमाये हुये है. बड़ी-बड़ी दुकानदार अपनी दुकानों के सामने सड़क पर ग्राहकों की गाड़ियों को अवैध पार्किंग के रूप में इस्तेमाल करते हैं. इससे आने-जाने वाले राहगीरों को घंटों जाम की समस्या से जूझना पड़ता है. इस ओर जिला प्रशासन कमजोर साबित हो रहा है.
अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन पूर्व में कई बार अभियान चला चुका है. लेकिन अभियान के तुरंत बाद ही कब्जाधारियों अपनी-अपनी दुकानों एवं अवैध पार्किंग कर जस की तस काबिज हो जाता है.
फुटपाथ पर कब्जा से जाम: फुटपाथ पर कब्जा से ट्राफिक जाम का सामना शहर के विभिन्न सड़कों पर राहगीर को करना पड़ता है. इसके लिए निगम प्रशासन की ओर से दर्जनों लोगों को नोटिस थमाया गया. लहेरियासराय से दरभंगा स्टेशन, नाका नंबर 5, टावर चौक, बाघमोड़, बेलामोड़ आदि जगहों पर बुलडोजर से अवैध कब्जा को मुक्त कराया गया. अभी हाल ही में नगर थाना की ओर से सिनेमा चौक से राजकुमार गंज तक अवैध रूप से अतिक्रमण एवं पार्किंग को हटाया गया था. लेकिन स्थिति जस की तस रही. अतिक्रमण अभियान बंद करने के कुछ दिनों बाद ही फिर से फुटपाथ अवैध कब्जाधारियों से पट गया है.
कुछ सड़कों की चौड़ाई गली के बराबर है. लेकिन बड़े-ब़ड़े दुकानदार अवैध पार्किंग से गुरेज नहीं करते. जिन दुकानदारों के पास पर्याप्त जगह नहीं है, वे फुटपाथ को निशाना बनाते हैं. जिस वजह से जाम की समस्या उत्पन्न होती है. राहगीरों को पैदल सड़क से गुजरने में भी खासी मशक्कत करनी पड़ती है. शाम होते ही जाम की समस्या और विकराल रूप ले लेती है. रही सही कसर ऑटो रिक्सा बेतरतीब कहीं भी पार्किंग कर जाम की समस्या में पूरा सहयोग देता है. इसमें से अधिकांश चालकों को यातायात नियम का एबीसीडी तक पता नहीं है. कमोबेश पूरे शहर के सड़कों का यह हाल है. जहां जाने में 10 से 15 मिनट लगना चाहिए वहां पहुंचने में आधे से घंटा भर का समय लग जाता है.
वाहन चालक ट्रैफिक नियम से अनजान
अललपट्टी में जाम में फंसे जिला जज
जाम से निजात के लिए प्रशासन के दावे की पोल लगातार खुल रही है. एक दिन पूर्व मंगलवार को डीआइजी दोनार में फंसे रहे तो बुधवार को लहेरियासराय से बेनीपुर न्यायालय जाने के क्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अललपट्टी में जाम में फंस गये. उनके वाहन का सायरन लगातार बज रहा था,
लेकिन वहां प्रतिनियुक्त ट्राफिक जवान जाम को हटाने में बिल्कुल असहाय दिख रहा था. इसके कारण जिला जज को करीब 10 मिनट से अधिक का समय लगा. शहर के नाका नंबर पांच, मिर्जापुर एवं दोनार में भी कई बार जाम से वाहनों की लंबी कतार खड़ी देखी गयी.
