दरभंगा : ढक्कनयुक्त एवं अंडरग्राउंड नालों का बदतर हालत देखकर भी नगर निगम प्रशासन पांच से आठ फीट चौड़े नालाें को ढक्कनयुक्त बनाने की तैयारी में है. शहरी विकास अभिकरण के मुख्य अभियंता ने नगर निगम कार्यालय से सकमापुल तक करीब 1300 फीट इस नाला निर्माण की स्वीकृति दी है. सूत्रों के अनुसार 1300 फीट में ढक्कनयुक्त नाला निर्माण एवं नगर निगम कार्यालय परिसर की चहारदीवारी को ऊंचा करने के लिए निगम प्रशासन ने 99.60 लाख का प्राक्कलन राज्य शहरी विकास अभिकरण के मुख्य अभियंता को भेजा था.जिसमें 98 लाख 70 हजार 800 की तकनीकी स्वीकृति मिली है.
हाल के वर्षों में पथ निर्माण विभाग शहरी विकास अभिकरण एवं नगर निगम के माध्यम से करीब दो दर्जन से अधिक नाले पीसीसी ढक्कनयुक्त बनाये गये. नालों पर ढक्कन डालने के दौरान भविष्य में इसकी सफाई की कोई व्यवस्था नहीं की गयी. इसका हश्र यह हुआ कि नगर निगम कार्यालय के सामने नाला से जब जेसीबी से ढक्कन हटाया गया तो उसके अधिकांश स्लैब टूट गये.
इसी तरह वीआइपी रोड, लोहिया चौक से बेलामोड़, स्टेशन रोड हनुमान मंदिर से मिर्जापुर चौक होते हुए भगत सिंह चौक, सुभाष चौक से खानकाह चौक, हसन चौक से आयकर चौक, आयकर चौक से विद्यापति चौक सहित कई ऐसे नाले हैं जिसका निर्माण तीन चार वर्ष पूर्व ढक्कनयुक्त कराया गया, लेकिन उन नालों में आजतक सफाई के नाम पर एक कुदाल भी नहीं डाला गया.
नगर िनगम कार्यालय से सकमापुल तक बननेवाले इस बड़े नाले की लंबाई 1300 फीट है. इसमें कुछ दूरी तक इसकी चौड़ाई 3 से 5 फीट तथा शेष भाग में 4 से 8 फीट तक है. नाले की गहराई 3 से 5 फीट है. इतनी गहरा एवं चौड़ा नाले के ऊपर यदि ढक्कन डाल दिया जाये तो इसकी कभी भी सफाई नहीं हो सकती.
सफाई नहीं होने पर मुहल्लों के कचरों एवं शील्ट से नाला जाम हो जायेगा. ऐसी स्थिति में जिस मकसद से सरकार की करीब 1 करोड़ की राशि इसमें खर्च की जा रही है वह पूरी तरह अपव्यय हो जायेगा.
