आधा दर्जन स्थानों पर क्षतिग्रस्त है तटबंध

बेनीपुर : कमला एवं जीवछ नदी का तटबंध पिछले कई साल से आधा दर्जन स्थानों पर क्षतिग्रस्त है. इस क्षतिगस्त तटबंध की सुधि लेने वाला कोई नहीं है. इस वर्ष ससमय मानसून की आहट और अच्छी वर्षा की संभावना ने जहां प्रशासन की चहलकदमी बढ़ गयी है. अंतिम समय में जिला एवं अनुमंडल प्रशासन संभावित […]

बेनीपुर : कमला एवं जीवछ नदी का तटबंध पिछले कई साल से आधा दर्जन स्थानों पर क्षतिग्रस्त है. इस क्षतिगस्त तटबंध की सुधि लेने वाला कोई नहीं है. इस वर्ष ससमय मानसून की आहट और अच्छी वर्षा की संभावना ने जहां प्रशासन की चहलकदमी बढ़ गयी है. अंतिम समय में जिला एवं अनुमंडल प्रशासन संभावित बाढ़ की तैयारी में जुटा है.

लोगों का कहना है कि कमला नदी के मलौल, महिनाम एवं कन्हौली में 300फीट तथा नार-बांध के निकट जीवछ तटबंध लगभग 150 फीट में क्षतिग्रस्त है. लगातार लोगों को तीन वर्षों से अनावृष्टि का सामना करना पड़ा और प्रशासन को इन टूटे तटबंधों की तरफ झांकने की फुरसत तक नहीं मिली.अब बरसात शुरू होने पर बैठक होने लगी है़ सर्वाधिक क्षतिग्रस्त बलनी में जीवछ नदी के किनारे बनरा घाट से बारा बांध तक तथा भरथाहा स्लूईस गेट से बनरा घाट तक कई जगहों पर तटबंध टूटा है. यहां वर्ष 2007-08 में एक बार मनरेगा से मरम्मत किया गया था.

उसके बाद जब बाढ़ का पानी अपना तांडव मचाने लगता है तब बाढ़ प्रमंडल एवं स्थानीय अधिकारी मरम्मत की खानापूरी करने में जुट जाते हैं. इस बार भी यही हश्र होगा क्योंकि अभी तक इस दिशा में कोई सार्थक पहल अभी तक नहीं दिखा है. इस सबंध में पूछने पर सीओ अल्पना कुमारी ने बताया कि तटबंध मरम्मत बाढ़ प्रमंडल की जिम्मेवारी है. अंचल कार्यालय अपने स्तर से सभी सूची विभाग को उपलब्ध करा दिया है.

अंचल प्रशासन द्वारा बाढ़ पूर्व की गयी तैयारी के संबंध में पूछने पर उन्होंने बताया कि पांच नावों में चार नाव घनश्यामपुर अंचल को पूर्व में भेजा गया जो अभी तक नहीं लौटाया गया है. एक टूटा हुआ नाव है है जो बेनीपुर की 94136 की आबादी को उपलब्ध कराया जायेगा. 15 निजी नाव की सूची के साथ राहत भंडारण, ऊंचे जगह पर किये जाने से संबंधित प्रतिवेदन भी जिला को भेजा गया है.

नावाें की मरम्मत कराएं
बाढ़ पूर्व तैयारी. एसडीओ ने सीओ के साथ की बैठक
क्षेत्र में ऊंचे स्थानों को तलाशने व चापाकलों को दुरुस्त कराने का िनर्देश
बिरौल : अनुमंडल कार्यालय में एसडीओ मो़ शफीक की अध्यक्षता में शुक्रवार को सभी सीओ के साथ बैठक हुई. इसमें बाढ़ से पूर्व की तैयारी को लेकर अंचल के सभी सीओ से बारी-बारी से भौतिक स्थिति की जानकारी ली गयी.
इस दौरान एसडीओ ने कोसी, कमला बलान नदी के पूर्वी पश्चिमी तटबंध की सुरक्षा को लेकर कई निर्देश दिये. उन्होंने संभावित बाढ़ के दौरान प्रभावित परिवारों को ऊंचे स्थानों पर शरण स्थली के लिये स्थानों का चयन करने, रेज्ड प्लेटफार्म पर खराब पड़े चापाकलों, शौचालय की मरम्मत कराने, सरकारी व निजी नाव की सूची एवं गोताखोर व नाविकों की सूची के साथ साथ उसका मोबाईल नम्बर उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया. एसडीओ ने क्षतिग्रस्त नाव की मरम्मत अविलंब कराने का सख्त निर्देश सीओ को दिया.
एसडीओ ने गोदामों में रखे अनाजों की स्थिति की जानकारी लेते हुए खाद्यान्न वितरण केन्द्र का स्थल चयन कर सभी की सूची उपलब्ध कराने को कहा. बैठक में डीसीएलआर इंद्रवीर कुमार, सीओ नरेन्द्र कुमार,कृष्ण कुमार सिंह,रंभू ठाकुर,अमरेन्द्र कुमार सिंह उपस्थित थे. वहीं बिरौल सीओ सूरज कान्त, गौड़ाबौराम सीओ बैठक से अनुपस्थित थे. बिरौल सीओ के स्थान पर प्रभारी सीआई मो़ सोहेल एवं गौड़ाबौराम सीओ के स्थान पर बीडीओ सत्य नारायण पंडित
मौजूद थे.

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