असुविधा. कहीं मशीन में गड़बड़ी, तो कहीं लिंक फेल
दरभंगा : बैंकों में होने वाली भीड़ को कम करने एवं आम उपभोक्ताओं की चौबीस घंटे बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने को ध्यान में रखकर एटीएम लगाये गये. दरभंगा शहर में 76 एटीएम हैं. पर इसमें दो दर्जन से अधिक एटीएम हमेशा खराब ही रहते हैं. विभिन्न बैंकों के एटीएम का न तो सही तरीके से मेंटिनेंस हो पाता है और न खाताधारियों की सुविधा को ख्याल कर कार्रवाई की जाती है. कैश के अभाव में कई एटीएम सप्ताह पंद्रह दिनों तक बंद रहता है. लिंक फेल रहने की शिकायत तो आम बात है. बिजली, जेनेरेटर एवं यूपीएस ठीक नहीं होने की वजह से भी यह हमेशा खराब रहता है.
समय से नहीं डाली जाती राशि
बैंकों द्वारा समय-समय पर एटीएम मशीन में रुपये डालना है. पर यह होता नहीं है. कभी तीन दिन तो कभी पांच दिन पर राशि डाली जाती हैं. स्थिति यह होती है कि दो दो दिन तक राशि के अभाव में एटीएम ठप रहता है.
एसी नहीं करता काम : शहर के अधिकांश एटीएम का एसी खराब पड़ा है. एटीएम के अंदर घुसने पर ऐसा लगता है मानो गरमी व उमस से हालत खराब हो जाये.
सफाई का अभाव : अधिकांश एटीएम के अंदर डस्टबीन तक नहीं रखे गये हैं. एटीएम रूम इतना गंदा रहता है कि उसमें घुसते ही लोगों को अपने नाक पर रूमाल रखना पड़ता है.
दो दर्जन से अधिक ऐसे एटीएएम हैं जहां सुरक्षा गार्ड नहीं है. सीसीटीवी तो सभी एटीएम में लगाये गये हैं पर वह भी कई एटीएम में काम नहीं करता है.
राशि के अभाव में ठप पड़ीं कई मशीनें
जिस एजेंसी को एटीएम में रुपये भरने की जिम्मेवारी मिली है, उसे बैंक से सूचना मिलने के बाद दो से तीन घंटे रुपये डालने में लग जाते हैं. इस अवधि में सुधार की जरूरत है. वैसे आसपास के कुछ न कुछ एटीएम इस दौरान भी चालू रहते हैं. एटीएम को ले कार्यसंस्कृति को बेहतर बनाने की जरूरत है.
एसके मजूमदार,एलडीएम
