स्टाइल. पिछले वित्तीय वर्ष में बिकी 438 स्कूटी
दरभंगा : हाल के वर्षों में बाइकिंग के प्रति बेटियों का रुझान बढ़ है. शहर के सड़कों पर फर्राटे के साथ बाइकिंग करते हुए बेटियां मिल जायेगी. पहले जहां दूसरों पर निर्भर रहती थी वही अब खुद बाइक चलाकर अपने स्कूल, कॉलेज या फिर जॉब स्थल पर पहुंच जाती है. समाज में आये बदलाव की नजर से देखें या फिर महिलाओं की आत्मनिर्भरता, दोनों ही नजरिये से यह महिलाओं के काफी सकुनदायक है.बेटियों के बाइकों के प्रति बढते क्रेज को देखते हुए कई कंपनियों ने आकर्षक मॉडल बाजार में उतारे हैं. दो वर्ष पूर्व इक्के दुक्के स्कूटी ही सड़कों पर दिखते थे,
लेकिन अब शैक्षणिक संस्थानों से लेकर सरकारी-अर्द्धसरकारी कार्यालयों के निकट ऐसे स्कूटी काफी मात्रा में नजर आते है. जिला परिवहन कार्यालय में भी पिछले वित्तीय वर्ष में 438 तथा चालू वित्तीय वर्ष के दो महीने (अप्रैल-मई) में 124 स्कूटी निबंधित हुए हैं
सड़कों पर फर्राटे के साथ दौड़ा रहीं बाइक
डीएल बनाने में महिलाएं पीछे नहीं
हाल के पांच वर्षों के डीटीओ कार्यालय स्थित लाइसेंस प्रशाखा पर गौर करने से ऐसा प्रतीत होता है कि ड्राइविंग के प्रति महिलाओं व बच्चियोें का रुझान दिनानुदिन बढता जा रहा है. विगत 5 वर्षों में 1807 महिलाआंे ने लाइसेंस लिया है.
14 महीने में 562 स्कूटी का रजिस्ट्रेशन
1 अप्रैल 2015 से 31 मार्च 2016 तक : 438
1 अप्रैल 2016 से 31 मई 2016 तक : 124
वित्तीय वर्ष स्कूटी की संख्या
1 अप्रैल 2011 से 31 मार्च 2012 215
1 अप्रैल 2012 से 31 मार्च 2013 311
1 अप्रैल 2013 से 31 मार्च 2014 401
1 अप्रैल 2014 से 31 मार्च 2015 392
1 अप्रैल 2015 से 31 मार्च 2016 438
महिलाओें व छात्राओं में बढ़ रही स्कूटी की मांग
ग्राहकों की मांग को देखते हुए टीवीएस एजेंसी ‘विक्की टीवीएस’ के संचालक गणेश महासेठ ने बताया कि महिलाएं एवं छात्राओं का स्कूटी के प्रति बढ़ते क्रेज को देख कंपनी ने विक्टर, अपाची एवं मोपेड मॉडल लांच किये हैं. युवाओं में भी इसका अच्छा क्रेज है.
कई कंपनियों ने बाजार में उतारे आकर्षक मॉडल के दो पहिया वाहन
