पहले भी पालना घर छह नि:संतान दंपती की भर चुका है गोद
पालना घर के 22 बच्चों को अब भी है अपने माता, पिता का इंतजार
दरभंगा : चेन्नई निवासी नीलकंठ एवं जग देवी की 30 वर्षीया तलाकशुदा पुत्री सुरेश्वरी जगदेवी ने दरभंगा के पालनाघर स्थित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान से बाल संरक्षण इकाई के तहत 2 माह के बच्ची को मेडिकल जांच के बाद गोद लिया. बच्चे को गोद लेते ही उसका नामाकरण करते हुए उसका नाम ‘संध्या’ रखा.
अनाथ बच्ची को गोद लेने वाली एकल माता पिता श्री सुरेश्वरी ने बताया कि जुलाई 2015 में करारा वेबसाइट पर इस बच्ची को गोद लेने के लिए निबंधन कराया था. उसके पश्चात उन्होंने अपना पूरा बायोडाटा वेवसाइट पर अपलोड करवाया और उस दिन से बच्ची के फोटो का इंतजार कर रही थी. दरभंगा बाल कल्याण समिति ने लीगल प्रक्रिया पूरा कर बच्ची की तसवीर वेबसाइट पर दिखाना शुरू किया तो देखते ही मैं उस बच्ची को पसंद कर ली.
सोमवार को मेडिकल जांच के बाद संस्था ने प्रक्रि या पूरी करने के बाद सुरेश्वरी को सौंप दिया. बाल संरक्षण पदाधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि बच्ची गोद लेने वाले को कई प्रक्रि या से गुजरना पड़ता है. गोद लेने वाले माता-पिता को हमारे करारा डॉट कॉम पर अपना पूरा बायोडाटा डालना पड़ता है. उसके बाद हमारी संस्था स्पेशलिस्ट लाइव एडोप्ट्स एजेंसी से गोद लेने वाले माता पिता के घर का एक पूर्ण रूप से वेरिफिकेशन कराती है.
वेरिफिकेशन कर लेने के सही पाये जाने पर आमंत्रित करती है. गोद लेने वाले के द्वारा संस्था को चालीस हजार रुपये का चेक भी सहयोग राशि के रुप में सौंपा गया. मौके पर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष मो. कमर आलम ,इकाई के प्रभारी अध्यक्ष राकेश कुमार,अधिवक्ता ज्योतिष प्रसाद साहू , गोद लेने आयी महिला का भाई शिवातनु आदि उपस्थित थे.
इससे पहले भी छह बच्चों को दिया जा चुका है गोद : बाल संरक्षण इकाई के पदाधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि इसके पूर्व भी 6 बच्चे पंजाब, भागलपुर ,सीतामढ़ी और चेन्नई के नि:संतान को गोद दरभंगा का यह पालना घर भर चुका हैं. कई लोग प्रतीक्षा सूची में है.फिलहाल पालना घर में अभी भी 22 बच्चे हैं, जो अपने माता पिता के इंतजार कर रहे हैं.
