बारिश में खुली जंकशन की पोल

दरभंगा : हाल ही में हुई दरभंगा जंकशन की मरम्मत की पोल पहली ही बारिश में खुल गयी. पहले तो पानी की बूंद जगह-जगह से टपकती थी, लाखों खर्च होने के बाद अब पानी का फब्बारा बहने लगा है. जाहिर है यात्रियों की परेशानी घटने के बदले और अधिक बढ़ गयी है. आलम यह है […]

दरभंगा : हाल ही में हुई दरभंगा जंकशन की मरम्मत की पोल पहली ही बारिश में खुल गयी. पहले तो पानी की बूंद जगह-जगह से टपकती थी, लाखों खर्च होने के बाद अब पानी का फब्बारा बहने लगा है. जाहिर है यात्रियों की परेशानी घटने के बदले और अधिक बढ़ गयी है. आलम यह है कि वर्षा के दौरान प्लेटफॉर्म पर तिल भर जगह भी सूखा नहीं रह जाता. किसी तरह यात्री खड़े होकर वक्त तो गुजार लेते हैं, लेकिन सामान को सुरक्षित रखना मुश्किल हो जाता है. इसने रेलवे के कार्य की गुणवत्ता को सरेआम कर दिया है. साथ ही यात्रियों की सुविधा के प्रति विभाग की संजीदगी भी जाहिर हो गयी है.

वर्षा खत्म होने के बाद भी टपकता रहता शेड : बरसात के दिनों पर जंकशन का प्लेटफॉर्म जगह-जगह से टपकने लगता है. शेड के पानी को नाले तक पहुंचाने के लिये लगे पाइप के क्षतिग्रस्त होने की वजह से पानी प्लेटफॉर्म पर फैल जाता है. पहले तो स्थिति ऐसी थी कि वर्षा खत्म होने के घंटों बाद तक पानी टपकता रहता था. कई बार तो दस से बारह घंटे बाद तक पानी का टपकना जारी रहता था. इस कारण साफ-सफाई भी प्रभावित होती रही.
बरसात के दिनों में जंकशन के प्लेटफॉर्म के टपकने की समस्या पुरानी है. ए-वन दर्जा मिलने के छह साल बाद तक यह समस्या बदस्तूर जारी रही. इस बीच बार-बार यात्रियों की इस परेशानी की ओर आला अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराने के बाद आखिरकार पूर्व डीएआरएम अरूण कुमार मल्लिक ने शेड को दुरूस्त करने के साथ ही टूटे कोटा स्टोन को बदलने की योजना को स्वीकृत कराया. इसके लिये राशि का प्रावधान कराया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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