समाज के अंतिम व्यक्ति को न्याय दिलाना उद्देश्य : जिला जज

समाज के अंतिम व्यक्ति को न्याय दिलाना उद्देश्य : जिला जज फोटो- 11 व 12परिचय- लोक अदालत में सुनवाई को जुटे लोग व पक्षकार.दरभंगा : समाज के अंतिम व्यक्ति को न्याय दिलाना लोक अदालत का उद्देश्य है. संविधान में भारत के सभी नागरिक को समान अधिकार दिया गया है. लोक अदालत समाज के लोगों को […]

समाज के अंतिम व्यक्ति को न्याय दिलाना उद्देश्य : जिला जज फोटो- 11 व 12परिचय- लोक अदालत में सुनवाई को जुटे लोग व पक्षकार.दरभंगा : समाज के अंतिम व्यक्ति को न्याय दिलाना लोक अदालत का उद्देश्य है. संविधान में भारत के सभी नागरिक को समान अधिकार दिया गया है. लोक अदालत समाज के लोगों को सुलभ न्याय दिलाने की दिशा में प्रयास कर रही है. उक्त बातें जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार पनवार ने कही. उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से मामलों का निपटारा करने पर उभय पक्षों की जीत होती है, साथ ही पक्षकारों के बीच मधुर संबंध स्थापित होते है. जिला जज श्री पनवार ने उपस्थित लोगों को लोक अदालत के माध्य से ज्यादा से ज्यादा लाभ लेने की बात कही. कार्यक्रम को संबोधित करने के लिए जिलाधिकारी बाला मुरुगन डी ने कहा कि कोर्ट में छोटे-छोटे मामले बढ़ रहे हैं. इससे जहां समाज में आपसी सौहार्द बिगड़ रहे हैं वहीं न्यायालयों में अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे मामलों में पक्षकारों को ग्राम कचहरी के सरपंच एवं थाना स्तर पर सुलझाने का प्रयास करना चाहिए. छोटे-छोटे मामलों के नि:शुल्क निष्पादन के लिए लोक अदालत आयोजित की जाती है. सिटी एसपी हरकिशोर राय ने कहा कि लोक अदालत द्वारा पारित निर्णय सर्वोपरी होता है. इस अदालत के निर्णय का कहीं अपील भी नहीं होता. लोक अदालत के माध्यम से लोगों को नि: शुल्क न्याय मिलता है. कार्यक्रम का संचालन प्राधिकार के सचिव विनोद कुमार गुप्ता ने किया. कार्यक्रम में परिवार अदालत के प्रधान न्यायाधीश अमरेंद्र पति त्रिपाठी, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष रविशंकर प्रसाद, महासचिव इंद्रशेखर मिश्र, एडीजे शैलेंंद्र कुमार पांडेय, रजनीश मंडल, ठाकुर अमन कुमार, राजेश कु मार द्विवेदी, आशुतोष खेतान , कुलदीप, अनुप कुमार पांडेय, आनंद अभिषेक, अमित कुमार, रवि पांडेय सहित अन्य लोग उपस्थित थे. लोक अदालत ने आधा दर्जन बिछुड़े परिवारों को मिलायादरभंगा : शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत लगभग आधा दर्जन बिछुड़े परिवारों को मिलाने में सफल रहा. वर्षों से एक दूसरे से अलग रह रहे पति-पत्नी को लोक अदालत के माध्यम से आपस में मिलाकर उनके घर भेजा गया. लोक अदालत के माध्यम से मिलने वाले परिवार खुशी-खुशी न्यायालय से अपने घर वापस गये. पीठासीन पदाधिकारी अमरेंद्रपति त्रिपाठी ने लोगों को मिलजुल कर परिवार चलाने की नसीहत दी. 17 बेंच की गयी थी गठितदरभंगा : राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों के निष्पादन को ले 17 बेंच गठित की गयी थी. सभी बेंच में पीठासीन पदाधिकारी के रूप में एक न्यायिक पदाधिकारी तथा दो पैनल अधिवक्ता के शामिल किया गया था. गठित बेंच में परिवार अदालत के प्रधान न्यायाधीश अमरेंद्रपति त्रिपाठी, एडीजे शैलेंद्र कुमार पांडेय, ज्ञानेंद्र कुमार श्रीवास्तव, सीजेएम विद्यासागर पांडेय, अवर न्यायाधीश आशुतोष खेतान, ठाकुर अमन कुमार, राजेश कुमार द्विवेदी, एसडीजेएम रजनीश रंजन, मुंसिफ आनंद अभिषेक, अमित कुमार, महेश शुक्ला, न्यायिक दंडाधिकारी अनुप कु मार पांडेय, कुलदीप, रवि पांडेय, राकेश कुमार राकेश, शमीम रजा, अंजनी कुमार गोंड सहित पैनल अधिवक्ता गौड़ी शंकर चौधरी, विष्णुकांत चौधरी, अमरनाथ झा, सुधीर कुमार कर्ण, इंदु कुमारी, चंदा वर्मा, ममता झा, रमेश पासवान, मृदुला सिंह, वंदना वर्मा, शिव कुमार झा, हेमंत कुमार, विजय नारायण चौधरी, रेणु कुमारी को शामिल किया गया है. पक्षकारों के लिए की गयी थी विशेष व्यवस्थादरभंगा : लोक आदालत में आनेवाले पक्षकारों के लिए विशेष व्यवस्था की गयी थी. पक्षकारों को समुचित सुविधा देने के लिए न्यायालय परिसर में तीन पूछताछ केंद्र बनाये गये थे. जहां लोग अपने मुकदमा के संबंध में जानकारी प्राप्त कर संबंधित बेंच पर पहुंचते थे. जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सुनील कुमार पनवार के निर्देश पर राष्ट्रीय लोक अदालत का कार्यक्रम चल रहा था. जिला जज श्री पनवार स्वयं विभिन्न बेंचों का मुआयना कर रहे थे. प्राधिकार के सचिव सह अवर न्यायाधीश प्रथम विनोद कुमार गुप्ता, भी आयोजन का जायजा ले रहे थे. श्री गुप्ता उपस्थित पक्षकार का समुचित सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे थे. उनके साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कर्मी भी पूरी मुश्तैदी से पक्षकारों को सहयोग कर रहे थे. न्यायालय परिसर में पक्षकारों के लिए समुचित बैठने की व्यवस्था के साथ साथ पेय जल, प्राथमिक उपचार की सुविधा, सुरक्षा की व्यवस्था, पूछताछ केंद्र आदि बनाये गये थे. मुकदमा समाप्त कर हंसी-खुशी घर लौटे पक्षकारदरभंगा : राष्ट्रीय लोक अदालत में आये पक्षकार हंसी-खुशी अपना मुकदमा समाप्त कराकर घर लौटे. लोक अदालत से वापस लौटते समय पक्षकारों के चेहरे पर खुशियां साफ झलक रही थी. वर्षों से मुकदमा के कारण परेशान पक्षकारों ने अपनी सूझबूझ के कारण अपना मुकदमा राष्ट्रीय लोक अदालत में समाप्त कराकर राहत की सांस ली. लोक अदालत में मामलों के निष्पादन को ले गठित बेंच के पीठासीन पदाधिकारी एवं पैनल अधिवक्ता भी पक्षकारों के आपसी समझौता के आधार पर सुलह कराने का प्रयास करते देखे गये. राष्ट्रीय लोक अदालत में आये विभिन्न क्षेत्रोें के मदन कुमार झा, सुधीर कुमार, भोगी मिश्रा, गुुंजन सहनी आदि ने बताया कि वे न्यायालय दौड़ते-दौड़ते परेशान हो गये थे. लोक अदालत की जानकारी मिलने के बाद वे यहां आकर अपना अपना मुकदमा समाप्त करवाया. लोक अदालत में सुलझे 163 मामलेबेनीपुर : स्थानीय व्यवहार न्यायालय में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान विभिन्न मामलों के 163 मामलों का निष्पादन किया गया. कोर्ट सूत्रों के अनुसार 107 के तहत 34 एवं भूमि संबंधी 3 एवं आपराधिक 25 मामलों का निष्पादन किया गया. इसके अलावा ग्रामीण बैंक के 15 वादों से 68 हजार 500, सेंट्रल बैंक के 6 मामलों से 1 लाख 54 हजार 500 तथा एसबीआइ बैंक का 80 वादों का समझौता कर 15 लाख 50 हजार की राशि वसूली किया गया. इसके लिए तीन बेंच बनाया गया था. बेंच एक पर न्यायिक अधिकारी विष्णुदेव उपाध्याय, अधिवक्ता मीना कुमारी एवं राम मोहन झा तथा बेंच दो पर न्याकि अधिकारी अजय कुमार एवं अधिवक्ता अब्दुल रजिक साथ ही बेंच तीन पर न्यायिक अधिकारी के रुप में एपी चौधरी अधिवक्ता संजीव कुमार झा एवं राजनाथ यादव उपस्थित थे.

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