पंचायत आरक्षण के संशय से परेशान हैं लोग

पंचायत आरक्षण के संशय से परेशान हैं लोग प्रखंड से लेकर जिला मुख्यालय तक लगा रहे दौड़ कैबिनेट की मंजूरी में लटका है मामलादरभंगा. पंचायतों के आरक्षण का मामला स्पष्ट नहीं होने से पंचायत चुनाव लड़ने वाले संभावित प्रत्याशियों में अजीब बेचैनी है. इसमें कई पूर्व मुखिया, जिप सदस्य व पंचायत समिति सदस्य के साथ […]

पंचायत आरक्षण के संशय से परेशान हैं लोग प्रखंड से लेकर जिला मुख्यालय तक लगा रहे दौड़ कैबिनेट की मंजूरी में लटका है मामलादरभंगा. पंचायतों के आरक्षण का मामला स्पष्ट नहीं होने से पंचायत चुनाव लड़ने वाले संभावित प्रत्याशियों में अजीब बेचैनी है. इसमें कई पूर्व मुखिया, जिप सदस्य व पंचायत समिति सदस्य के साथ साथ वर्त्तमान पंचायत जनप्रतिनिधि भी शामिल हैं. इनकी पहुंच इन दिनों प्रखंड से जिला मुख्यालयों में बढ़ गयी है. तरह तरह के आशंका एवं संभावनाओं के मद्देनजर उनकी जिज्ञासा यहां भी शांत नहीं हो रही. यहां भी उन्हें कैबिनेट की मंजूरी के बाद कुछ कहने की बात बतायी जा रही है. इधर विभिन्न समाचार माध्यमों से छन-छन कर आ रही खबरों से इच्छुक प्रत्याशियों की बात नहीं बन रही. इधर विभागीय जानकारी के अनुसार पंचायती राज कानून में पंचायती राज संस्थाओं के लगातार दो कार्यकाल के बाद क्षेत्रों का आरक्षण क्रम बदलेगा. बताया जा रहा है कि आरक्षण क्रम बदलने में पंचायतों की जनसंख्या ही आधार बनेगा. मालूम हो कि नियमानुसार पंचायतों में आरक्षण का मामला मंत्रीमंडल की मंजूरी के लिए दो माह पूर्व से लंबित है. इधर विधानसभा चुनाव को लेकर सरकार ने इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया. लेकिन अब चुनाव संपन्न होने के बाद और महागंठबंधन की सरकार बनने के बाद इसको लेकर चर्चा का बाजार गर्म है.

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