वाह,अश्विनी अहां तऽ कमाल कऽ देलऽ फोटो:::परिचय :बेनीपुर(दरभंगा) : प्रखंड के सझुआर गांव के श्यामानंद झा एवं श्रीमति लीला देवी खुशी से झूम रहे हैं. उनकी खुशियों का ठिकाना नहीं है. गर्व से उनका सिर ऊंचा है. हों भी क्यों नहीं, उनके बेटे को अगले साल राष्ट्रपति अपने हाथों से देश के प्रमुख हस्तियों के साथ नेशनल अवार्ड से जो सम्मानित करेंगे. जी हां, हम बात कर रहे हैं जमशेदपुर में रैपिड एक्शन फोर्स 106 बटालियन के सेकेंड इन कमांडर के पद पर तैनात अश्विनी झा की. अगले साल 22 फरवरी को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी देश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित कर रहे हैं. जिसमें अश्विनी झा भी शामिल हैं. अश्विनी को मानवता की सेवा के लिए लॉर्ड बैडेने पॉवेल नेशनल अवार्ड के लिए चयन किया गया है. इनके साथ साथ खेल के लिए क्रिकेटर सौरभ गांगुली, कैंसर रिसर्च हॉस्पीटल खोलने के लिए युवराज सिंह, साहित्य के लिए जावेद अख्तर, संगीत के क्षेत्र में अलका याग्निक, पत्रकारिता में जगदीश चंद्रा, एक्टिंग में आयुष्मान खुराना, कॉमेडी में सुगंधा मिश्रा, बंगला फिल्म के लिए दीपक अधिकारी समेत कुल 15 हस्तियों को सम्मानित किया जायेगा. अपने बेटे के इस अवार्ड के लिए चयन होने पर अश्विनी झा के पिता बोल पड़े – वाह, अश्विनी अहां तऽ कमला कऽ देलऽ. उन्होंने अपने बेटे की इस सफलता पर कहा कि वैसे तो हमारा तीनों बेटा जीनियस है पर अश्विनी का जवाब नहीं. उन्होंने का कि आज मेरा जीवन साकार हो गया. मां लीला देवी भाव विह्वल होकर कहती हैं कि मुझे अपने बेटों पर गर्व है. मुझे खुशी है कि मेरा दो-दो बेटा इस मुकाम तक पहुंचा है. बता दें कि अश्विनी तीन भाई हैं. बड़ा अनिल झा आइएसएफ में अधिकारी पर थे, जो वर्तमान में विप्रो में है. जबकि छोटा अरविंद कुमार झा रेलवे में ऑडिट अफसर के पद पर हैं. एक बहन हैं. राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किये जाने की सूचना पर ग्रामीण पुण्यानंद झा, गोकुलानंद झा, राम कुमार झा, महेश ठाकुर, छोटे झा, मोहन झा आदि ने अश्वनी के घर पहुंचकर माता-पिता को बधाई दी. साथ ही कहा कि अश्विनी की सफलता से सिर्फ सझुआर ही नहीं, पूरा दरभंगा जिला अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहा है.
वाह,अश्विनी अहां तऽ कमाल कऽ देलऽ
वाह,अश्विनी अहां तऽ कमाल कऽ देलऽ फोटो:::परिचय :बेनीपुर(दरभंगा) : प्रखंड के सझुआर गांव के श्यामानंद झा एवं श्रीमति लीला देवी खुशी से झूम रहे हैं. उनकी खुशियों का ठिकाना नहीं है. गर्व से उनका सिर ऊंचा है. हों भी क्यों नहीं, उनके बेटे को अगले साल राष्ट्रपति अपने हाथों से देश के प्रमुख हस्तियों के […]
