युवाओं में बढ़ रहे नशा की प्रवृत्ति रोकना जरूरी कमतौल. पाश्चात्य संस्कृति से प्रभावित होकर वर्तमान युवा पीढ़ी नशा की प्रवृत्ति के शिकार हो रहे हैं. नशे से न सिर्फ नशा करने वाले व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचता है अपितु आर्थिक नुकसान भी होता है. नशापान की बढ़ती प्रवृत्ति से जहां हर रोज पारिवारिक रिश्ते टूटते हैं, वहीं बिखरते सामाजिक संस्कृति-संस्कार का वाहक नशा को माना जा रहा है. गुरुवार को मदर्स केयर इंग्लिश स्कूल, कमतौल में मद्ध निषेध दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित करते हुए प्राचार्य एपी सिंह ने कही. सामाजिक और पारिवारिक रिश्ते टूटने के पीछे भी प्रमुख वजह मद्धपान को माना जाता रहा है. इससे जहां लोगों में शराब पीने की लत बढ़ ही रही थी, अब पीकर बेहोश होने तथा अकारण गाली-गलौज करने का चलन बढ़ गया है. ओइसीडी के सर्वेक्षण में मृत्यु या अपाहिज होने का पांचवां बड़ा कारण नशापान को बताया गया है. उन्होंने छात्रों से इससे दूर रहने की सलाह देते हुए नशा करने वाले निकटतम संबधियों से स्टॉप इट करने की अपील करने को कहा. इस अवसर पर स्कूल के निदेशक सुमित कुमार, सेवानिवृत शिक्षक शशि भूषण ठाकुर ने अपने विचार व्यक्त किये. शिक्षक राहुल कुमार, सोनू कुमार, बैजू कुमार, मुरारी सहित सोनी एवं सपना आदि सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित थे.
युवाओं में बढ़ रहे नशा की प्रवृत्ति रोकना जरूरी
युवाओं में बढ़ रहे नशा की प्रवृत्ति रोकना जरूरी कमतौल. पाश्चात्य संस्कृति से प्रभावित होकर वर्तमान युवा पीढ़ी नशा की प्रवृत्ति के शिकार हो रहे हैं. नशे से न सिर्फ नशा करने वाले व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचता है अपितु आर्थिक नुकसान भी होता है. नशापान की बढ़ती प्रवृत्ति से जहां हर रोज पारिवारिक […]
