मानव सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं

मानव सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं फोटो::::फारवार्डेड परिचय : गरीबों के बीच कंबल वितरण करते एनजीओ के कार्यकर्ता. अलीनगर. इनसानियत की खिदमत अर्थात मानव सेवा ही सबसे बड़ा कर्तव्य व धर्म है. उक्त बातें गुरुवार को इकरा एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी गरौल की ओर से गरौल गांव में गरीबों के बीच कंबल वितरण शिविर […]

मानव सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं फोटो::::फारवार्डेड परिचय : गरीबों के बीच कंबल वितरण करते एनजीओ के कार्यकर्ता. अलीनगर. इनसानियत की खिदमत अर्थात मानव सेवा ही सबसे बड़ा कर्तव्य व धर्म है. उक्त बातें गुरुवार को इकरा एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी गरौल की ओर से गरौल गांव में गरीबों के बीच कंबल वितरण शिविर को संबोधित करते हुए मुफ्ती मामून रशीद ने कही. उन्होंने कहा कि बिना कोई भेद भाव किये लाचार, गरीब एवं असहाय व्यक्तियों की मदद करनी चाहिए. यह जिम्मेवारी प्रत्येक व्यक्ति की है. व्यक्तियों के समूहों का नाम की सोसायटी है जो व्यक्तियोंं से मदद लेकर व्यक्तियों की मदद करता है. इस कार्य से मैं अपने को प्रसन्नता महसूस करता हूॅ. मौके पर रामचन्द्र पासवान, प्रमीला देवी, मसोमात अहमदी, एवं मो0 हनीफ सहित दर्जन भर लोगों को सोसायटी की ओर से एक-एक कम्बल व दो दो सौ रुपये नगद दिये गये. कार्यक्रम की अध्यक्षता सोसायटी के सचिव कारी ओबैदुल्लाह कर रहे थे. मौके पर मौलाना जफर इमाम, इंजीनियर व कारी रजि इमाम बेग, मौलाना तहसीन कासमी, हुमायुन शेख व मौलाना अहमद हुसैन आदि ने भी अपने विचार रखे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >