दरभंगा : त्रिवदिवसीय मिथिला विभूति पर्व समारोह के आखिरी दिन कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए हरलाखी विधायक बसंत कुशवाहा ने कहा कि मिथिला, मैथिली के विकास के लिए वे प्रतिबद्ध हैं. विधानसभा से लेकर सड़क तक जिस स्तर पर सहयोग या संघर्ष की आवश्यकता होगी वे तैयार हैं.
मिथिला क्षेत्र में उच्च शिक्षा की व्यवस्था को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि इसके विकास के लिए भी वे प्रयासरत रहेंगे. समारोह में बतौर विशिष्ट अतिथि नगर विधायक संजय सरावगी ने क्षेत्र के विकास को आवश्यक बताते हुए नयी सरकार से अपेक्षा जतायी. कहा कि सबसे बड़ी समस्या यहां से छात्रों का पलायन है.
इसके लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षण संस्थान खोले जाने चाहिए. उन्होंने मिथिला मैथिली के मुद्दे पर सहयोगी विपक्ष के रुप में भूमिका निभाने का भरोसा दिलाया. संस्कृत विवि के कुलपति डा. देवनारायण झा की अध्यक्षता में हायाघाट विधायक अमरनाथ गामी ने सही का साथ देने की बात कहते हुए कहा कि जब उन्हें लगा कि संस्थान गलत है तो विरोध किया.जब सही लगा तो समर्थन किया. मिथिला के मान सम्मान के लिए संघर्षशील रहने का आश्वासन मौके पर उन्होंने दिया.
भाकपा नेता रामकुमार झा ने मिथिलांचल के सर्वांगीण विकास में सभी को सहयोगी बनने की अपील की. समारोह को लनामिवि के कुलपति प्रो. साकेत कुशवाहा, संत कुमार चौधरी, इन्दू बाबू, डा. विनोद कुमार चौधरी सहित कई लोगों ने अपने विचार रखे.
मौके पर एमएलएसएम कॉलेज के प्रधानाचार्य डा. डीसी चौधरी, कुलसचिव डा.अजीत कुमार सिंह, कुलानुशासक डा. अजयनाथ झा सहित दर्जनों गणमान्य मौजूद थे. बुद्धनाथ मिश्र व टुनटुन झा अचल के संयुक्त संचालन में संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष डा. बुचरु पासवान ने आगत अतिथियों का स्वागत किया. उद्घाटन समारोह में गीत संगीत का दौर भी चलता रहा.
