दस दिन बाद हुई सामा-चकेवा की विदाई जाले . मिथिलांचल में पिछले दस दिनों से चला आ रहा लोक पर्व सामा-चकेवा की घमक बुधवार की देर शाम मूर्तियों की विदाई के बाद समाप्त हो जाएगी़ बहनों ने भाईयों द्वारा बनाये गये बेड़ों पर सामा-चकेवा की मूर्तियों को भावभीनी गीतों के साथ विदाई दी गई साथ ही उन्हें अगले वर्ष फिर आने का निमंत्रण भी दिया गया़बिजली की किल्लत शुरूजाले . चुनाव के दौरान निर्वाध रुप से मिलने वाली विद्युत सेवा सरकार बनते ही अवरूद्ध होने लगी है़ इससे इलाके के लोगों के बीच संवादहीनता भी होने लगी है़ अक्सर लोगों की मोबाईल बिजली के आभाव में काम करना बंद कर दी है़
दस दिन बाद हुई सामा-चकेवा की विदाई
दस दिन बाद हुई सामा-चकेवा की विदाई जाले . मिथिलांचल में पिछले दस दिनों से चला आ रहा लोक पर्व सामा-चकेवा की घमक बुधवार की देर शाम मूर्तियों की विदाई के बाद समाप्त हो जाएगी़ बहनों ने भाईयों द्वारा बनाये गये बेड़ों पर सामा-चकेवा की मूर्तियों को भावभीनी गीतों के साथ विदाई दी गई साथ […]
