\\\\टं३३ी१त्र/ू/रदो माह से हड्डी रोग विभाग में मरीजों की परेशानी बरकरार

\\\\टं३३ी१त्र/ू/रदो माह से हड्डी रोग विभाग में मरीजों की परेशानी बरकरार \\\\टं३३ी१त्र/रडाक्टर के योगदान देने का पेंच फंसा दरभंगा : डीएमसीएच के हड्डी रोग वार्ड में मरीजों का दर्द बढ़ गयी है. कारण इस वार्ड में मरीजों की भर्ती और ऑपरेशन की किल्लत करीब डेढ़ माह से जारी है. इधर हड्डी रोग विभाग के अध्यक्ष […]

\\\\टं३३ी१त्र/ू/रदो माह से हड्डी रोग विभाग में मरीजों की परेशानी बरकरार \\\\टं३३ी१त्र/रडाक्टर के योगदान देने का पेंच फंसा दरभंगा : डीएमसीएच के हड्डी रोग वार्ड में मरीजों का दर्द बढ़ गयी है. कारण इस वार्ड में मरीजों की भर्ती और ऑपरेशन की किल्लत करीब डेढ़ माह से जारी है. इधर हड्डी रोग विभाग के अध्यक्ष ने मरीजों की परेशानी को देखते हुए एक डाक्टर को यूनिट तीन में से यूनिट में दो में कार्य संपादन करने का आदेश जारी किया था. इस आदेश के भी 12 दिन बीत गये लेकिन यूनिट दो में शिफ्ट किये गये डाक्टर ने एचओडी को सौंपे आवेदन में अपने आपको वरीय डाक्टर का हवाला देते हुए यूनिट तीन में ही रहने का आग्रह कर दिया. इस आग्रह के भी करीब 10 दिन बीत गये, लेकिन यह मामला जस का तस अभी तक अटका हुआ है. इधर मरीज परेशान हैं. /इक्या है मामला /इकरीब दो माह पूर्व डॉ नंद कुमार के यूनिट के वरीय रेजिडेंट डाक्टर डॉ एसके सिन्हा को तकनीकी कारणों से पटना के सचिवालय में योगदान करना पड़ा इसके कारण हड्डी रोग वार्ड के डॉ नंद कुमार यूनिट दो में वरीय रेजिडेंट विहीन हो गया. इसकी वजह यह हुआ कि इस यूनिट के मरीजों की भर्ती व ऑपरेशन प्रभावित होने लगा. /इयूनिट इंचार्ज ने लगायी गुहार /इयूनिट इंचार्ज डॉ नंद कुमार ने मरीजों के पुख्ता उपचार व्यवस्था को लेकर प्राचार्य और एचओडी से डाक्टरों की कमियों की जानकारी दी और एक डाक्टर को इस यूनिट में देने की गुहार लगायी. /इएचओडी का आदेश जारी /इएचओडी प्रो डॉ लालजी चौधरी ने 16 अक्टूबर को आदेश जारी किया जिसमें यूनिट तीन के सहायक प्राध्यापक डॉ एसएन सर्राफ को सह प्राध्यापक डॉ नंद कुमार यूनिट के दो में अपने कार्य का संपादन करने का आदेश दिया. यह आदेश का तामिला अभी तक नहीं हो पाया. उधर मरीजों की परेशानी बढ़ गयी है. /इयोगदान से किया इंकार /इसहायक प्राध्यापक डॉ एसएन सर्राफ ने 19 अक्टूबर को एचओडी को एक आवेदन सौंपा. जिसमें डॉ सर्राफ ने अपने आपको वरीय डाक्टर का हवाला देते हुए उन्हें डॉ अरविंद कुमार की यूनिट तीन में ही रहने का आग्रह किया. इस आवेदन में जिक्र किया गया है कि कुछ साल पूर्व डॉ नंद कुमार ने अपने यूनिट में रखने से इंकार कर दिया था. डॉ सर्राफ ने इसकी पुष्टि मोबाइल पर भी दी है. /इहाल मरीजों का/इ हड्डी रोग वार्ड में कुल 75 बेड हैं. तीनों यूनिटों के बीच 25-25 बेडों के मरीजों की जिम्मेवारी दी गयी है. इधर डॉ नंद कुमार की यूनिट आज के दिन भी फुल है. दो माह पूर्व के हिसाब से इस यूनिट में मरीजों की भर्ती और ऑपरेशन डाक्टरों के अभाव में परेशानी हो रही है. /इक्या कहते हैं प्राचार्य /इप्राचार्य डॉ आरके सिन्हा ने बताया कि हड्डी रोग का यह मामला उनकी नजर में है लेकिन डॉ सर्राफ के योगदान देने का मामला उनके पास अभी तक नहीं आया है. यह मामला आने पर इसका समाधान किया जायेगा.

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