\\\\टं३३ी१त्र/ू/रदस लाख खर्च, नहीं मरा एक भी मच्छर

\\\\टं३३ी१त्र/ू/रदस लाख खर्च, नहीं मरा एक भी मच्छर\\\\टं३३ी१त्र/रनगर परिषद की कार्यपद्धति का नमूना बेनीपुर : खर्चा 10 लाख पर मच्छर एक भी नहीं मरा. जी हां, ये दासतां है बेनीपुर नगर परिषद का. क्षेत्र में बढ़ते मच्छरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए नगर प्रशासन द्वारा लगभग 10 लाख की लागत से एक वर्ष […]

\\\\टं३३ी१त्र/ू/रदस लाख खर्च, नहीं मरा एक भी मच्छर\\\\टं३३ी१त्र/रनगर परिषद की कार्यपद्धति का नमूना बेनीपुर : खर्चा 10 लाख पर मच्छर एक भी नहीं मरा. जी हां, ये दासतां है बेनीपुर नगर परिषद का. क्षेत्र में बढ़ते मच्छरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए नगर प्रशासन द्वारा लगभग 10 लाख की लागत से एक वर्ष पूर्व फॉगिंग मशीन खरीदी गयी. एक दिन सड़क पर धुंआ उगलते भी दिखा. उसके बाद कहां गया यह लोगों के लिए अनसुलझी पहेली जैसा है. वर्तमान में मच्छरों के कारण डेंगू एवं अन्य संक्रमण जैसा रोग फैलने लगा है, पर नगर प्रशासन इसके प्रति उदासीन बना हुआ है. न तो वार्डों का साफ-सफाई किया जा रहा है और न ही उक्त फॉगिंग मशीन से छिड़काव ही. अब लोग एक-दूसरों से पूछने लगे हैं कि आखिर वह मच्छर भगवाने वाला मशीन का क्या हुआ. मजे की बात तो यह है कि एक भी पार्षद इसके लिए आवाज नहीं उठा रहे हैं. और जनता मच्छरों के आतंक से त्रस्त दिख रहे हैं. इस संबंध में पूछने पर कार्यपालक अधिकारी शैलेश कुमार ने कहा किउक्त मशीन महीनों से खराब पड़ा है. आज उसका फाइल को खंगालने पर पता चला है कि उक्त मशीन खराब है तथा वांटी अवधि में है. उसकी मरम्मत के लिए संबंधित कंपनी को लिखा जायेगा. वैसे कार्यालय का एक कर्मी दावा करते हैं. खरीद के बाद एक माह तक छिड़काव चला था. लगभग तीन माह से खराब है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >