नशे का आदी था विजय, जेल से कुछ ही दिन पहले आया था छुट करबहेड़ी : हरहच्चा गांव में विजय सिंह की हुई हत्या को लेकर गांव के लोग मर्माहत हैं. गला रेतकर हुई इस जघन हत्या के बाद भी शव पर विलाप करती एक भी महिलाएं नही दिखाई पड़ी. स्व. ब्रजकिशोर सिंह के छह बेटे में विजय तीसरे नम्बर पर था. बड़े भाई की मृत्यु पहले ही हो चुकी है. मझले भाई सुबोध का परिवार गांव में रह रहा है. मृतक विजय से छोटे सभी भाई पूरे परिवार के साथ जीवकोपार्जन के लिए गांव से बाहर रह रहा है. जिसके कारण विजय के शव पर विलाप करने वाली एक भी महिलाएं नही दिखाई पड़ी. सुबोध की पत्नी भी घटना की सूचना मिलते ही बेहोश हो गयी. उसके पास के सुरहाचटटी स्थित एक निजी क्लिनिक में स्लाईन चढाया जा रहा है. सुबोध के परिवार से ही उसे चाय नाश्ता एवं खाना मिल रहा था. विजय अपने घर में ही छोटे मोटे किराने की दुकान चला रहा था. जिसमें दारु एवं गांजा रखने के आरोप में वह जेल भी जा च्ुाका है. जेल से आने के बाद उसने दुकानदारी छोड़ सूदी का करोबार शुरु कर दिया.जिस घर में उसकी लाश मिली उसमें एक तहखाने भी पुलिस को दिखी. बिना ताला के तहखाने के स्लैब को उठाने के बाद पुलिस ने उसमें कुछ भी नही बरामद कर सकी.लेकिन मृतक का मोबाइल, एटीएम,पासबुक,सुदी बही आदि बरामद नही हो सका. पुलिस को शंका है कि विजय की हत्या उसके पैसे के लिए की गयी होगी. उसकी हत्या किसने की यह अबूझ पहली बनी हुई है. इसका पता अनुसंधान से ही चल पायेगा. क्योंकि जेल से आने के बाद उसकी लत गाजा भंाग एवं दारु पर भी लग गयी थी. पुलिस को अंदेशा है कि इन में भी किसी ने उसकी हत्या कर दी गयी होगी. चुनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन इसके उदभेदन में जुट गयी है. नतीजा शीघ्र आने की उम्मीद है.
नशे का आदी था विजय, जेल से कुछ ही दिन पहले आया था छुट कर
नशे का आदी था विजय, जेल से कुछ ही दिन पहले आया था छुट करबहेड़ी : हरहच्चा गांव में विजय सिंह की हुई हत्या को लेकर गांव के लोग मर्माहत हैं. गला रेतकर हुई इस जघन हत्या के बाद भी शव पर विलाप करती एक भी महिलाएं नही दिखाई पड़ी. स्व. ब्रजकिशोर सिंह के छह […]
