बेनीपट्टी अनुमंडल मुख्यालय में समस्याओं अंबार
बस पड़ाव व नाला निर्माण नहीं होने से बढ़ रही समस्या
बेनीपट्टी : अनुमंडल गठन के कई वर्षों के बाद भी मुख्यालय में जनसमस्याओं की भरमार है. एक तरफ जहां मुख्यालय के किसी भी चौक-चौराहों पर पेयजल की व्यवस्था नहीं हो पायी है.
वहीं, पूरे बाजार में एक भी सार्वजनिक शौचालय का निर्माण नहीं हो सका है.
मुख्यालय में बस पड़ाव नहीं होने के कारण खासकर बाहरी यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. बावजूद समस्याओं को दूर करने के प्रति न तो यहां के प्रशासन न ही यहां के जनप्रतिनिधियों में ललक देखी जा रही है.
मुख्यालय के गठन होने के तकरीबन 23 वर्ष गुजरने के बाद भी एक अदद बस पड़ाव का न होना ही विकास के कार्यों की पोल खोलती नजर आ रही है.
वहीं नाले का निर्माण न होने के कारण पूरे बेनीपट्टी की सड़कों पर कचरों का अंबार लगा रहना कोई बड़ी बात नहीं दिखती है. बेनीपट्टी लोहिया चौक से रोजाना कई दर्जन भर वाहन नेपाल, दरभंगा, पटना सहित अन्य जिलों के लिए रवाना होते हैं, लेकिन बस पड़ाव में शौचालय नहीं होने से खासकर महिला यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पडता है.
उधर, रात्रि सेवा के तहत चलने वाली वाहनों के खुलने के बावजूद चौक पर हाइमास्ट लाइट के नही होने से उच्चकों की दालें खूब पकती दिखती है.
आज भी बेनीपट्टी में बड़ी संख्या में लोग प्यासे यात्रा करने को मजबूर है. उधर, बरसात के मौसम में पानी तो दूर कहीं सही से ठहरने की तक व्यवस्था तक नहीं है.
थाना मोड़ के पास पूर्व विधान पार्षद प्रो.विनोद चौधरी के कोष से निर्मित यात्री शेड पर अतिक्रमणकारियों के नजर लगने के कारण यात्रियों के ठहराव पर भी ग्रहण लग चुका है.पूर्व विधायक के कोष से बने शौचालय में इतनी गंदगियों का अंबार लगा है कि वहां से लोग मुंह ढंककर भाग निकलने में ही अपनी भलाई समझते हैं.
बाजार के शोभित साह, गंगा यादव, जीतेंद्र झा, गोपाल कुमार, तिरपीत साह व लालीनाथ मिश्रा सहित कई लोगों ने बताया कि बेनीपट्टी बाजार लगभग चार किमी में फैले होने के बाद भी बाजार में कहीं भी मुख्यालय स्तर की व्यवस्था नहीं है.
क्या कहते हैं अधिकारी
अनुमंडल पदाधिकारी गणेश कुमार ने बताया कि बस पड़ाव के मामले की फाइल देखने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है. वैसे मुख्यालय में परेशानी के संबंध में उन्हें पूरी जानकारी है और जल्द ही सभी समस्याओं को निपटारा कर लिया जायेगा.
