दरभंगा : अलमंसूर एजुकेशन एंड वेलफेयर ट्रस्ट के तत्वावधान में रविवार को अब्दुल मन्नान तर्जी – व्यक्तित्व और कला विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया.
दरभंगा मिल्लत कॉलेज के सभागार में आयोजित विश्वविद्यालय स्तरीय सेमिनार में वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला.
उनके लिखित पुस्तकों की चर्चा करते हुए मुस्ताक नूरी ने कहा कि तर्जी की खूबी यह है कि वह बिना पढ़े नहीं लिखते. जो उनके पुस्तकों को पढ़ने से एहसास होता है. नयी पीढ़ी में यह परंपरा खत्म हो रही है.
विनम्रता से भरे तर्जी का कद इतना ऊंचा है जहां बहुत कम लोग पहुंचते हैं. इस मौके पर मौजूद अब्दुल मन्नान तर्जी ने युवा पीढ़ी को संबोधित करते हुए कहा कि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती. उनके जीवनकाल में संघर्ष की लंबी फेहरिस्त रही.
मौके पर साहित्यिक अंजुमन वज्म उर्दू कतर के अध्यक्ष अमजद अली सरवर ने तर्जी की कविताओं की धूम खाड़ी के देशों में भी होने की जानकारी दी. डॉ मुजीर अहमद आजाद के संचालन में डॉ मंसूर खुश्तर की किताब का लोकार्पण भी किया गया. सेमिनार में मंजर सुलेमान, फहीम अशरफ अहतशाम हक, शकील अहमद, आलमगीर भावनम आदि ने भी विचार व्यक्त की.
