दरभंगा : पिछले दिनों डीएमसी में मेडिकल छात्रों से हुई रैगिंग मामले की जांच रिपोर्ट से एमसीआइ संतुष्ट नहीं है. एमसीआइ में सोमवार को फिर आधे दर्जन बिंदुओं पर प्राचार्य से रिपोर्ट तलब की है.
एमसीआइ ने पूछा है कि क्या रैगिंग करनेवालों पर प्राथमिकी दर्ज हुई, चिहित छात्रों पर अबतक क्या-क्या कार्रवाई हुई, डीएमसी के एंटी रैगिंग कमेटी में कौन-कौन सदस्य हैं और ऐसे छात्रों पर कमेटी ने क्या निर्णय लिये हैं. प्राचार्य की रिपोर्ट मिलने के बाद एमसीआइ की टीम डीएमसी आकर गहन जांच पड़ताल करेगी. इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी. देश भर में शिक्षण संस्थानों में रैगिंग को रोकने को लेकर तमाम कवायदें की जा रही है.
ऐसे में माना जा रहा है कि दरभंगा मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच सकता है. मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के एंटी रैगिंग कमेटी के आदेश पर सोमवार को प्राचार्य डॉ आरके सिन्हा की अध्यक्षता में बैठक हुई. इस बैठक में एमसीआइ से पूछे गये सवालों के जवाब पर करीब दो घंटे तक प्राचार्य कक्ष में गहन विचार-विमर्श हुआ. अब निगह इनकी रिपोर्ट पर टिकी हुई है.
यह है मामला
एमसीआइ के निर्देश पर डीएमसी की कमेटी ने 10 अगस्त को रैगिंग के मामले की रिपोर्ट भेजी थी. लेकिन एमसीआइ प्राचार्य की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हुई. एमसीआइ ने सोमवार को फिर प्राचार्य को सूचना दी, जिसमें कहा गया कि रैगिंग के आधे दर्जन बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दें.
इसके बाद स्थानीय एंटी रैगिंग कमेटी हरकत में आयी और दोबारा बैठकर रैगिंग के तय बिंदुओं पर चर्चा कर एमसीआइ को रिपोर्ट भेजने की तैयारी की.
बैठक में कमेटी के संयोजक सह छात्रवास अधीक्षक डॉ आरआरपी सिंह, एचओडी डॉ बीके सिंह, डॉ बीके मिश्र, एचओडी डॉ नूतन बाला सिंह, एचओडी डॉ अजित कुमार चौधरी, एचओडी डॉ एसके सिंह और एचओडी डॉ सुनीता त्रिपाठी शामिल थी. प्राचार्य डॉ आरके सिन्हा ने बताया कि एमसीआइ को शीघ्र रिपोर्ट भेजी जायेगी.
