इलाज नहीं होगा, तो जहर दे दीजिये डॉक्टर साहब!

दरभंगा. डीएमसीएच अपनी साख खो रहा है.सोमवार को मरीज के परिजनों ने डीएमसीएच में इलाज की व्यवस्था पर प्रश्न चिह्न् खड़ा कर दिये. इंजीरा देवी डेढ़ माह से गायनिक वार्ड में इलाज के लिए आ रही है. उपचार व्यवस्था के टाल मटोल रवैया से वह आज भी नही बच पायी. मरीज को ब्लिीडिंग की शिकायत […]

दरभंगा. डीएमसीएच अपनी साख खो रहा है.सोमवार को मरीज के परिजनों ने डीएमसीएच में इलाज की व्यवस्था पर प्रश्न चिह्न् खड़ा कर दिये. इंजीरा देवी डेढ़ माह से गायनिक वार्ड में इलाज के लिए आ रही है. उपचार व्यवस्था के टाल मटोल रवैया से वह आज भी नही बच पायी.

मरीज को ब्लिीडिंग की शिकायत है. बिरौल थाना के बरौली गांव निवासी गंगा प्रसाद ठाकुर की पत्नी अंजीरा देवी को इलाज के लिए दस अगस्त को फिर डेढ़ माह बाद गायनिक वार्ड में लाया गया था. डॉक्टरों ने मरीज की जांच कर अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी. परिजन मरीज को उसी दिन अल्ट्रासाउंड कराने रेडियोलॉजी विभाग ले गये.
रेडियोलॉजी विभाग में मरीज को टका सा जबाव मिला, यह जांच कराने के लिए सितंबर माह में आईये. मरीज लाचार था. उसके पास बिरौल जाने के मात्र भाड़ा के लिए पैसे बचे थे. एक कर्मी के आश्वासन पर मरीज ने पति और पुत्र के साथ गायनिक वार्ड में रतजगा किया.
परजिन ने सोमवार को अस्पताल अधीक्षक से मिलने के लिए अधीक्षक कार्यालय में तीन घंटे बिताया. अंत में एक कर्मी ने अस्पताल अधीक्षक से परिजनों को मिलाया. दुखड़ा सुनकर अस्पताल अधीक्षक डा. एसके मिश्र ने शीघ्र जांच कराने का आदेश निर्गत किया.
भागते-भागते मरीज सोमवार को 12 बजे दिन में पहुंचीं. अल्ट्रासाउंड बंद पाया गया. परिजन ने कहा कि यहां इलाज नहीं होगा, तो डॉक्टर साहेब जहर दे दीजिये. इसके बाद मरीज के साथ परिजन पेड़ के नीचे बैठ गये.

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