दरभंगा : दरभंगा मेडिकल कॉलेज (डीएमसी) रैगिंग को लेक र फिर सुर्खियों में है. इस घटना को अंजाम देकर वरीय छात्रों ने एक बार फिर से डीएमसी को शर्मसार कर दिया है. इस्ट हॉस्टल में 6 अगस्त की रात हुई घटना स्थल पर जाकर प्राचार्य ने रैगिंग से पीड़ित छात्रों को बचाया.
इतनी सी बात को लेकर छात्रों ने प्राचार्य के सरकारी आवास के परिसर को तहस नहस कर दिया. छात्रों का यह अंजाम किसी भी खौफ से पड़े था. इस घटना के पर्दे के पीछे कई तरह के चर्चाएं हैं. प्राचार्य डा. आरके सिंहा सदमे में हैं.
फेल छात्रों ने प्राचार्य के विरुद्ध भड़काया
प्राचार्य के आवास निशाने पर रहा. इसके पीछे इस परिसर में कई चर्चाएं हैं. वर्ष 2014 में महिला छात्रवास में कई रैगिंग को लेकर छात्र व छात्रओं पर कार्रवाई गत जुलाई में तीन मुन्ना भाई पीजी छात्रों के मामले का खुलासा किया गया था.
इसके पूर्व 75 प्रतिशत उपस्थिति को लेकर 2014 बैच के 21 छात्रों को मुख्य परीक्षा में शामिल होने से रोक दिया गया था. वर्ग संचालन में सख्ती आदि मामले ने घटना को अंजाम दिया. मुन्ना भाई मामले को लेकर कई पीजी और यूजी छात्रों पर लगाम कसने का नतीजा माना जा रहा है.
रफा-दफा करने का नतीजा है यह घटना
इस घटना से पूर्व तात्कालीन प्राचार्य सह अस्पताल अधीक्षक डा. एसपी सिंह के आवास पर 2005 में रात में ही रोड़ेबाजी हुई थी. पूर्व प्राचार्य डा. एसएन सिंहा के कार्यकाल में 2008 में प्राचार्य चैंबर में छात्रों ने जमकर बवाल काटा था. इसके अलावा कई घटनाएं हुई. जिला प्रशासन तक ने हस्तक्षेप किया. रैगिंग करने वालों पर नामित प्राथमिकी दर्ज हुई लेकिन बाद में मामला रफा दफा हो गया.
पीजी छात्र भी नहीं बचा पाये
इस्ट हॉस्टल नये बैच के छात्रों के लिए है. इसी सुरक्षा के लिए वहां कई पीजी छात्रों को भी शिफ्ट कराया गया है. दूसरी सुरक्षा करीब 100 गज पर बेंता ओपी थाना है. लेकिन दोनों मूक दर्शक बने रहे. किसी ने भी इस घटना को रोकने में कामयाब नहीं हो सके. यह सिर्फ एक दिन की घटना नहीं थी. ऐसी घटनाएं नये बैच के नामांकन के साथ ही शुरू हो जाती है.
सहमे हैं प्राचार्य व कर्मी
इस घटना के 12 घंटे बीतने के बाद भी प्राचार्य को आज दिन के दो बजे तक सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गयी. इतना ही नहीं परिसर या प्राचार्य के प्रशासनिक भवन में भी कोई सुरक्षा का इंतजाम नहीं किया गया था. कर्मी अलग सदमें में थे.
एचओडी की बैठक
प्राचार्य के साथ हुई घटना को लेकर सेमिनार हॉल में शुक्रवार को एचओडी के साथ बैठक हुई .जिसमें ऐसे छात्रों को पहचानकर सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया गया. इसमें ऐसे छात्रों के अभिभावकों को तलब करने का भी निर्णय लिया गया.
कार्य हो रहा प्रभावित
दरभंगा. डीएमसीएच के अधीक्षक डा. एसके मिश्र को वित्तीय प्रभार नहीं मिलने से यहां का कार्य प्रभावित हो रहा है. वे 20 जुलाई को हट गये. पुन: डा. मिश्र को 23 जुलाई को प्रभार दिया गया. किंतु उन्हें वित्तीय प्रभार नहीं दिया गया है.
कै से हुई घटना
रैगिंग की घटना 2015 बैच के नये छात्रों के सथ ईस्ट हॉस्टल में 6 अगस्त की रात लगभग 10 बजे के बाद शुरु हुई. इसमें 2014 बैच के चार छात्र शामिल थे. बारी बारी से नये बैच के छात्रों के साथ छात्रवास के परिसर में अशोभनीय व्यवहार और गलत हरकत हो रहा था. एक पीड़ित छात्र ने उसी रात हिम्मत कर प्राचार्य को इसकी शिकायत की.
सख्ती से बौखलाये मुन्ना भाई
प्राचार्य डा. आरके सिंहा ने छात्रों के पठन पाठन को पटरी पर लाने के लिए कई कड़े कदम उठाए. मसलन सख्त वर्ग संचालन, नियमित शिक्षक व छात्रों की उपस्थिति, स्थानीय परीक्षा में नकल पर लगाम, एक साल के भीतर रैगिंग के तीन मामले पर सख्ती, पैरवीकारों को फटकार, वार्डो में वरीय डाक्टरों की तैनाती ताकि मरीज के उपचार और छात्रों का पुख्ता प्रशिक्षण आदि लाभ मिल सके.
कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे छात्र
घटना के बाद कुछ छात्रों के हॉस्टल से बाहर रहने की बात कही जा रही है. इस बाबत जब हॉस्टल के छात्रों से बात की गयी तो किसी ने कुछ भी बताने से इंकार किया. छात्र इस तरह से बात कर रहे थे, जैसे वे रात की घटना से पूरी तरह अनभिज्ञ हो. घटना में शामिल छात्रों की पहचान चूंकि नहीं हुई है, इसलिए यह कहना काफी मुश्किल है कि इस घटना में शामिल कौन छात्र हैं.
