दरभंगा : लहेरियासराय स्थित मंडल कारा में बंद विचाराधीन कैदी सूरज झा शुक्रवार को हुई पुलिसिया पिटाई में घायल हो गया. बाद में उसे उसे डीएमसीएच में भरती कराया गया, जहां इमरजेंसी वार्ड में उसका इलाज चल रहा है.
चिकित्सकों के अनुसार वह खतरे से बाहर है. इधर इस घटना के विरोध में कारा में बंद कैदियों ने कोर्ट में पेशी के लिए जाने से इनकार कर दिया. इससे कारा में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. स्थिति बिगड़ते देख अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा. इसके बाद मामला शांत हुआ. जेलर की मानें तो सूरज ने जानबूझ कर इस तरह की हरकत की है. वह डीएमसीएच जाना चाहता था. पहले भी कई बार वह डीएमसीएच से भागने का प्रयास कर चुका है. इस बार भी संभवत: इसकी यही मंशा रही होगी.
वहीं कारा सूत्रों की मानें तो यह मामला दूसरा है. ‘लेन-देन’ की वजह से दोनों के बीच विवाद हो गया, जो मारपीट में तब्दील हो गयी. सूत्र तो यह भी बताते हैं कि बाहर से पहुंची पुलिस ने विरोध कर रहे कैदियों पर लाठियां भी बरसायीं.
यह है मामला
कैदी सूरज झा का किसी बात के लिए जमादार ललन प्रसाद के साथ विवाद हो गया. इसके बाद जमादार ने सूरज की पिटाई कर दी. स्थिति को बिगड़ता देख जेल प्रशासन ने उसे तत्काल बेहोशी की हालत में डीएमसीएच भेज दिया. जेलर सूर्यनाथ सिंह के अनुसार सूरज के पास आपत्तिजनक सामान थे. जमादार ने उसे पकड़ लिया. इसी से दोनों में विवाद हो गया. धक्का-मुक्की के दौरान सूरज जमीन पर गिर गया.
घटना से भड़क उठे अन्य कैदी
इधर, इस घटना के बाद अन्य कैदी भड़क उठे. सभी इसका विरोध करने लगे. विरोध स्वरूप अदालत में पेशी पर भी कोई कैदी नहीं गया. कोर्ट तक उन सभी को ले जाने के लिए पहुंचे कैदी वाहन में चढ़ने से सभी ने इनकार कर दिया.
इसके बाद माहौल बिगड़ने लगा. स्थिति अनियंत्रित होते देख इसकी सूचना जिला पुलिस को दी गयी. लहेरियासराय थानाध्यक्ष जेपी सिंह सदल-बल पहुंचे. बीएमपी 13 से भी अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाया गया. इसके बाद स्थिति नियंत्रित हो सकी.
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
जेलर श्री सिंह की मानें तो घटना की पृष्ठभूमि में कोई आपत्तिजनक सामान है, जिसे कैदी सूरज के पास देखा गया. जेलर के इस बयान से कई सवाल उत्पन्न होने लगे हैं. मसलन, आखिर तमाम सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद जेल में किसी कैदी के पास कहां से और किस परिस्थिति में आपत्तिजनक सामान पहुंच गये.
दूसरा यह कि अगर सूरज के पास कोई आपत्तिजनक सामान देखी गई थी तो क्या जेल प्रशासन ने उसे जब्त किया, क्या जेल में आपत्तिजनक सामान रखने और पुलिस से धक्का-मुक्की करने के आरोप में जेल प्रशासन ने कोई मामला दर्ज कराया. या सूरज पूर्व में भी भागने का प्रयास का आरोपित रहा है तो जेल प्रशासन ने कभी उसे सेल में रखा था?
