चौथे दिन भगवती के कुष्मांडा स्वरूप की आराधनादरभंगा: आषाढ़ी नवरात्र के चौथे दिन शक्ति की अधिष्ठात्री देवी दुर्गा के कुष्मांडा स्वरूप की आराधाना की गयी. मां श्यामा मंदिन न्यास समिति की ओर से श्यामा मंदिर में प्रधान पुजारी ने माता की पूजा-अर्चना की. श्रीमद् देवीभागवत व सप्तशती का पाठ किया गया. वहीं श्रीमद्भागवत का प्रवचन करते हुए मीरा ने कहा कि निगुण, निराकार ब्रहृम सर्वत्र विद्यमान हैं. वे व्यापक हैं. वे प्रेम से ही प्रकट होते हंै. उन्होंने विस्तार से ज्ञान व भक्ति की चर्चा की. इससे पूर्व संगीतमय कथा का उद्घाटन राम प्रसाद झा ने किया. मौके पर शरणानंद झा, मिथिलेश ठाकुर आदि भी मौजूद थे.भजन संध्या की शुरूआत डा. ममता ठाकुर के भगवती भजन से हुआ. इस अवसर पर कमलाक ांत झा, सुनील सिंह, एमएन पाठक, डा. जयशंकर झा, डा. कवीश्वर ठाकु र आदि भी उपस्थित थे. संचालन प्रबंधक डा. चौधरी हेमचंद्र राय ने किया.
सर्वत्र विद्यमान हैं निराकार ब्रहृम
चौथे दिन भगवती के कुष्मांडा स्वरूप की आराधनादरभंगा: आषाढ़ी नवरात्र के चौथे दिन शक्ति की अधिष्ठात्री देवी दुर्गा के कुष्मांडा स्वरूप की आराधाना की गयी. मां श्यामा मंदिन न्यास समिति की ओर से श्यामा मंदिर में प्रधान पुजारी ने माता की पूजा-अर्चना की. श्रीमद् देवीभागवत व सप्तशती का पाठ किया गया. वहीं श्रीमद्भागवत का प्रवचन […]
