फोटो संख्या- 11 व 12परिचय- कथा वाचन करते व्यास व उपस्थित श्रद्धालु सदर, दरभंगा: मनुष्य को जीवन में भगवान की भक्ति से भवसागर को पार हो जाता है. मनुष्य को श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करना चाहिए. कथा श्रवण से भगवान की कृपा होती है, जिससे मनुष्य का जीवन धन्य हो जाता है. सर्वेश्वरनाथ मंदिर रूहेलागंज में संगीतमय श्रीमद भागवत महापुराण कथा के चौथे दिन व्यास प्रमोद चैतन्य ने यह बातें कही. उन्होंने कहा कि जीवन में पात्रता सबसे बड़ी चीज होती है. सुपात्र से ही भगवान प्रसन्न हो जाते हैं, इसलिए तन, मन, धन से भगवान से सेवा करना चाहिए. इस बीच उन्होंने मुझे चरणों से लगालो घनश्याम, मुरली वाले संगीत के ध्ुानो पर भजन सुनाकर श्रोताओं का मन मोह लिया. भक्त इस भजन की प्रस्तुति पर झूम उठे. भक्त-भगवान कृष्णा के भक्ति में डूब गये एवं तालियंा की आवाज गूंजने लगी. व्यास श्री चैतन्य ने बांके बिहारी भगवान श्रीकृष्ण की लीला के प्रसंग को भी सुनाकर भक्तों केा प्रेरणादायक के रूप में अपनाये जाने को कहा. मौके पर संकल्पी उर्मिला देवी, विश्वनाथ साह, पप्पू साह, रामदयाल साह, प्रो बनारसी यादव आदि मंचासीन होकर जाप करते देखे जा रहे थे.
भगवान की भक्ति से भवसागर होंगे पार
फोटो संख्या- 11 व 12परिचय- कथा वाचन करते व्यास व उपस्थित श्रद्धालु सदर, दरभंगा: मनुष्य को जीवन में भगवान की भक्ति से भवसागर को पार हो जाता है. मनुष्य को श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करना चाहिए. कथा श्रवण से भगवान की कृपा होती है, जिससे मनुष्य का जीवन धन्य हो जाता है. सर्वेश्वरनाथ मंदिर रूहेलागंज […]
