श्रेष्ठ बनने के लिए विनम्रता आवश्यक

प्रतिनिधि, दरभंगा हनुमाननगर प्रखंड के गोढि़यारी गांव में चल रहे भागवत प्रवचन के क्रम में कथा व्यास ओम प्रकाश व्यास शुक्रवार को सरस्वती शिशु मंदिर पहुंचे. वहां उन्होंने बच्चों से कहा कि कोई भी व्यक्ति तभी सफलता को प्राप्त कर सकता है, जब उसमें विनम्रता का भाव आये. असफल व्यक्ति महान नहीं हो सकता. इसलिए […]

प्रतिनिधि, दरभंगा हनुमाननगर प्रखंड के गोढि़यारी गांव में चल रहे भागवत प्रवचन के क्रम में कथा व्यास ओम प्रकाश व्यास शुक्रवार को सरस्वती शिशु मंदिर पहुंचे. वहां उन्होंने बच्चों से कहा कि कोई भी व्यक्ति तभी सफलता को प्राप्त कर सकता है, जब उसमें विनम्रता का भाव आये. असफल व्यक्ति महान नहीं हो सकता. इसलिए महान बनने के लिए विनम्र होना चाहिए. अपने आचरण को शुद्ध रखना चाहिए. विद्या अर्जन के साथ ही संस्कार का ज्ञान भी आवश्यक है. विश्व में हमारी पहचान हमारे संस्कार व संस्कृति से ही है. मौके पर उन्होंने शिक्षकों से कहा कि आदर्श आचार्य बनने के लिए सबसे आवश्यक तत्व आचरण है. गुरुओं का आचरण शुद्ध होना चाहिए. तभी हमसे शिक्षित होनेवाली भावी पीढ़ी संस्कारी चरित्रवान होगी. कार्यक्रम का संचालन विपिन कुमार सिंह व धन्यवाद ज्ञापन संजीव कुमार ने किया. मौके पर सेवानिवृत्त शिक्षक सह सामाजिक कार्यकर्ता कृष्णकांत झा के अलावा शिक्षक, छात्र व ग्रामीण मौजूद थे.

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