जैविक खाद का इस्तेमाल बढ़ाती है उर्वराशक्ति

दरभंगा : लोक सेवा संस्था एवं रु रल यूथ को-ऑर्डिनेशन सेंटर (आरआरए) बिहार कि ओर से बहेड़ी विहरौना उत्क्रमित मध्य विद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय पर्यावरण जागरूकता अभियान के तहत आयोजित कार्यशाला में मरुस्थलीय भूमि निम्नीकरण एवं सूखा से समाधान विषय पर चर्चा हुई और पौधारोपण भी किया गया. इस मौके पर वक्ताओं ने कहा […]

दरभंगा : लोक सेवा संस्था एवं रु रल यूथ को-ऑर्डिनेशन सेंटर (आरआरए) बिहार कि ओर से बहेड़ी विहरौना उत्क्रमित मध्य विद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय पर्यावरण जागरूकता अभियान के तहत आयोजित कार्यशाला में मरुस्थलीय भूमि निम्नीकरण एवं सूखा से समाधान विषय पर चर्चा हुई और पौधारोपण भी किया गया. इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि जैविक खाद का इस्तेमाल करने की मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है. जमीन में नमी बरकरार रहती है, वक्ताओं ने कहा कि रासायनिक खाद का कम प्रयोग हम सूखा के प्रभाव को हम कम कर सकते हैं. इस मौके पर प्रो.दयानाथ, प्रो. अरुण कुमार, प्रो. अजित चौधरी, डा. रामलखन प्रसाद सिंह, प्रो. देवेंद्र चौधरी,डा. राधाकांत यादव, पवन कुमार यादव, रामवृक्ष यादव, चंद्रदेव नारायण, रामसुरेश राय आदि ने अपने अपने विचार रखे. कार्यक्रम में संस्था डा. चंद्रवीर प्रसाद यादव ने अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया.

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