Darbhanga News: जिले के 50 प्रतिशत स्कूलों में प्रयोगशाला उपकरण व उपस्कर नहीं

Darbhanga News:जिले के प्लस टू स्कूलों में विज्ञान की पढ़ाई बिना प्रेक्टिकल के हो रही है.

Darbhanga News: दरभंगा. जिले के प्लस टू स्कूलों में विज्ञान की पढ़ाई बिना प्रेक्टिकल के हो रही है. अधिकांश स्कूलों में प्रेक्टिकल कार्य पूरी तरह से ठप है. ग्रामीण से लेकर नगर के स्कूल तक में साइंस लैब की स्थिति अत्यंत दयनीय है. वर्षों से बिना प्रयोगशाला के ही विज्ञान के छात्रों की पढ़ाई हो रही है. वित्तीय वर्ष 2024- 25 की यू-डायस रिपोर्ट इन तथ्यों की पुष्टि करती है. रिपोर्ट के मुताबिक जिले में 345 प्लस टू विद्यालय संचालित है. इनमें 105 में ही भौतिकी प्रयोगशाला है. 97 विद्यालय में जीव विज्ञान व 106 में रसायन विज्ञान का प्रयोगशाला संचालित है. प्लस टू तक की पढ़ाई वाले उत्क्रमित स्कूलों की स्थिति तो और खराब है. अधिकांश के पास भौतिकी, रसायन व जीव विज्ञान प्रयोगशाला के लिए अलग-अलग कमरे तक नहीं हैं. विभाग का दावा है कि 50 प्रतिशत से अधिक स्कूलों में सुचारू रूप से प्रयोगशाला संचालित है.

345 स्कूलों में से मात्र 232 में आइसीटी कंप्यूटर लैब

रिपोर्ट के मुताबिक 345 विद्यालयों में 232 में ही आइसीटी कंप्यूटर लैब है. इनमें से मात्र 162 विद्यालयों में यह संचालित है. स्कूलों में विज्ञान शिक्षकों की भी कमी है. प्रायोगिक पढ़ाई के नाम पर केवल खानापूरी की जा रही है.

मात्र 304 में स्मार्ट क्लास की सुविधा

जिले के 345 प्लस टू स्कूलों में से मात्र 304 में स्मार्ट क्लास की सुविधा उपलब्ध है. हालांकि अधिकांश विद्यालयों में तकनीकी समस्या की वजह से स्मार्ट क्लास का लाभ बच्चों को नहीं मिल रहा है. अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं.

प्रखंड- प्लस टू स्कूल- भौतिकी- रसायन- जीव विज्ञान प्रयोगशाला

बहादुरपुर- 22- 01- 02- 01बहेड़ी- 28- 01- 01- 01बेनीपुर- 18- 03- 03- 03बिरौल- 26- 04- 04- 04

नगर- 12- 12- 12- 12ग्रामीण- 24- 21- 20- 15

गौड़ाबौराम- 13- 03- 03- 03

घनश्यामपुर- 12- 04- 04- 04हनुमाननगर- 15- 04- 04- 04हायाघाट- 15- 04- 03- 03

जाले- 27- 06- 06- 06

केवटी- 27- 02- 03- 02किरतपुर- 08- 03- 03- 03कुशेश्वरस्थान पूर्वी- 10- 02- 02- 03

कुशेश्वरस्थान- 15- 03- 03- 03मनीगाछी- 23- 06- 06- 06

सिंहवाड़ा- 25- 14- 14- 14तारडीह- 14- 10- 10- 10

अलीनगर- 11- 03- 03- 00

कहते हैं अधिकारी

जिले के कई प्लस-टू उत्क्रमित विद्यालयों में प्रयोगशाला संचालन के लिए कमरे उपलब्ध नहीं हैं. कई विद्यालयों में एक ही कमरा में तीनों विज्ञान विषय का उपस्कर रखे गये हैं. इस परिस्थिति में प्रयोगशाला संचालन असंभव है. जिले के 50 प्रतिशत से अधिक विद्यालयों में सुचारू रूप से प्रयोगशाला संचालित है.

– केएन सदा, जिला शिक्षा पदाधिकारी

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Author: PRABHAT KUMAR

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