डीएमसीएच में एम्स निर्माण को ले फोरलेन कनेक्टिविटी जरूरी

अतिक्रमित भूमि, लो लैंड, सड़क व रेलवे लाइन आदि समस्या स्थानीय अधिकारियों ने हर समस्या के समाधान का दिलाया भरोसा निरीक्षण के दौरान थे सांसद व कई विधायक दरभंगा : जिला में एम्स निर्माण को लेकर केंद्रीय टीम ने सोमवार को डीएमसीएच परिसर का निरीक्षण किया. सुनील शर्मा के नेतृत्व में निरीक्षण को सात सदस्यीय […]

अतिक्रमित भूमि, लो लैंड, सड़क व रेलवे लाइन आदि समस्या

स्थानीय अधिकारियों ने हर समस्या के समाधान का दिलाया भरोसा
निरीक्षण के दौरान थे सांसद व कई विधायक
दरभंगा : जिला में एम्स निर्माण को लेकर केंद्रीय टीम ने सोमवार को डीएमसीएच परिसर का निरीक्षण किया. सुनील शर्मा के नेतृत्व में निरीक्षण को सात सदस्यीय टीम यहां पहुंची थी. दोपहर 1.30 बजे से 2.40 बजे तक टीम ने डीएमसीएच, अस्पताल के बीच होकर गुजर रही वीआइपी रोड, पुरानी बिल्डिंग, रेलवे लाइन, भटवा पोखर, बेंता चौक, आदि का निरीक्षण किया. इस दौरान एम्स के लिये निर्धारित सुविधा तथा सुविधाओं को विकसित किये जाने के आधार का टीम ने अवलोकन किया.
निरीक्षण के दौरान सांसद गोपालजी ठाकुर डीएम डॉ त्यागराजन एसएम, विधायक संजय सरावगी, जीवेश मिश्र, फराज फातमी, विप सदस्य सुनील कुमार सिंह, अर्जुन सहनी, डीएमसी प्राचार्य डॉ एचके झा, अधीक्षक डॉ आरआर प्रसाद, नगर आयुक्त घनश्याम मीणा, बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता नवीन मंडल समेत विभिन्न विभागों के दर्जनों आलाधिकारी मौजूद थे. प्रशासनिक अधिकारी टीम को वास्तविक स्थिति से अवगत करा रहे थे.
टीम ने जल जमाव, जल निकासी, लो-लैंड, परिसर से गुजर रही रेल लाइन, लाइन के उपर गुजर रहे बिजली के हाइटेंशन तार, सड़क, फोरलेन कनेक्टिवीटी, शहर की शिक्षा व्यवस्था, मनोरंजन के साधन, शहर में विकास की मौजूदा स्थिति आदि कई मुद्दे पर जानकारी ली. सड़क किनारे बनी अवैध दुकानें व गायनी परिसर में बने अन्य भवनों के बाबत भी जानकारी ली. टीम का नेतृत्व कर रहे श्री शर्मा ने बताया कि एम्स निर्माण को लेकर यहां की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया गया है. उपलब्ध सुविधा का आकलन किया गया है.
अन्य सुविधाओं को विकसित किये जाने की संभावना तलाशी गयी है. अब इन मसलों पर राज्य सरकार से बात होगी. कहा कि प्रस्तावित एम्स तक फोरलेन कनेक्टिवीटी जरूरी है. ड्रेनेज का पुख्ता इंतजाम होना चाहिये, जमीन का लेवल मानक के अनुसार जरूरी है. जल जमाव की समस्या नहीं होनी चाहिये, शहर में चिकित्सा, शिक्षा, मनोरंजन आदि की बेहतर सुविधा होनी चाहिए ताकि फेकेल्टी को परेशानी नहीं हो.
गेस्ट हाउस में एक घंटा तक किया गया विचार-विमर्श : परिसर के अवलोकन के बाद टीम गेस्ट हाउस पहुंची. वहां जिला प्रशासन, डीएमसीएच प्रशासन एवं जन प्रतिनिधियों के साथ करीब एक घंटे तक एम्स निर्माण को लेकर विभिन्न पहलू पर टीम ने गहन विमर्श किया. इस दौरान पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन भी दिया गया. सांसद गोपालजी ठाकुर, विधायक संजय सरावगी, जीवेश मिश्र आदि ने एम्स निर्माण में हर संभव मदद का आश्वासन दिया.
घर में घुसकर जलजमाव की ली जानकारी : निरीक्षण के दौरान केन्द्रीय टीम को जिला व अस्पताल प्रशासन परिसर में जल जमाव नहीं होने का विश्वास दिला रहे थे. इसी बीच केन्द्रीय टीम के एक सदस्य भटवा पोखर के निकट एक घर में घुस गये. वहां महिला से जलजमाव के बाबत पूछा. महिला ने टीम को बताया कि वर्षा के मौसम में जल- जमाव से जूझना पड़ता है.
डीएमसीएच में की गयी थी पूर्व तैयारी : केन्द्रीय टीम के आगमन को लेकर डीएमसीएच प्रशासन ने पूर्व तैयारी कर ली थी. परिसर की अच्छी तरह सफाई की गयी थी. सभी कर्मी को डयूटी पर उपस्थित रहने का आदेश था. निरीक्षण के दौरान कर्मियों को विशेष रुप से सतर्क रहने को कहा गया था.
ठंड में छूट रहा था पसीना : केन्द्रीय टीम करीब सवा घंटे तक परिसर का निरीक्षण की. टीम के साथ जन प्रतिनिधि, जिला व अस्पताल प्रशासन के अधिकारी, चिकित्सक व अन्य लोगों को पैदल चलना पड़ा. इस दौरान अधिकांश लोग ठंड के मौसम में भी पसीना पोछते नजर आये.
डीएम व प्राचार्य अंत तक रहे सक्रिय : निरीक्षण के दौरान डीएम डॉ त्यागराजन एसएम पूरी तरह से सक्रिये रहे. टीम की हर जिज्ञासा को माकूल जवाब से शांत किया. वहीं डीएमसी के प्राचार्य डॉ झा भी लगातार टीम के प्रश्नों का तार्किक जवाब दे रहे थे. डीएम व प्राचार्य अंत तक टीम के साथ रहे.

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