दरभंगा : जिले के सभी निजी क्लीनिक सह अस्पताल आठ जून को बंद रहेंगे. हालांकि, आपातकालीन चिकित्सा जारी रहेगी. यह फैसला इंडियन मेडिकल एशोसिएशन ने लिया है. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से निजी अस्पतालों पर की जा रही कार्रवाई के विरोध में यह निर्णय लिया गया है. आइएमए ने पीसीबी पर आरोप लगाया है कि प्रदूषण नियंत्रण के नाम पर कई निजी क्लीनिक पर ताला जड़ दिया गया है. जान-बूझकर चिकित्सकों को परेशान किया जा रहा है. इस कारण आठ जून को सांकेतिक हड़ताल की जायेगी.
जिले के निजी चिकित्सा संस्थान कल रहेंगे बंद
दरभंगा : जिले के सभी निजी क्लीनिक सह अस्पताल आठ जून को बंद रहेंगे. हालांकि, आपातकालीन चिकित्सा जारी रहेगी. यह फैसला इंडियन मेडिकल एशोसिएशन ने लिया है. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से निजी अस्पतालों पर की जा रही कार्रवाई के विरोध में यह निर्णय लिया गया है. आइएमए ने पीसीबी पर आरोप लगाया है […]

निजी क्लिनिकों पर कार्रवाई को लेकर आइएमए व पीसीबी आमने-सामने आ गये हैं. मामला मेडिकल कचरे के ठीक तरीके से निष्पादन नहीं करने का है. बताया जाता है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मेडिकल कचरे का निष्पादन ठीक से नहीं
करने को लेकर प्रदेश के लगभग एक हजार निजी क्लीनिक व अस्पतालों को शो-कॉज जारी कर दिया गया है. साथ ही 25 से ज्यादा निजी क्लीनिक पर ताला लगा दिया गया है.
पीसीबी की कार्यशैली से चिकित्सक नाराज
पीसीबी ने क्लीनिकों में इटीपी व एसटीपी नहीं होने पर आपत्ति जतायी थी. तय समय सीमा में इसे नहीं लगाने पर बोर्ड ने कार्रवाई शुरू कर दी. आइएमए ने इस पर नाराजगी जाहिर की है. आइएमए का कहना है कि पीसीबी को इस संदर्भ में पत्र लिखा गया है. पत्र में बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट कानून 2016 और 2018 का जिक्र करते हुए कार्रवाई से पहले जागरूकता अभियान चलाने की बात कही गयी, लेकिन पीसीबी की ओर से ऐसा कुछ नहीं किया गया. आइएमए की ओर से पीसीबी से छोटी चिकित्सीय इकाइयों की ओर से लिक्विड पॉल्यूशन के संबंध में वैज्ञानिक संसोधन का डाटा मांगा गया था, लेकिन बोर्ड के पास इस संदर्भ में कोई जानकारी नहीं है.