परीक्षा समाप्त होते ही शहर की रफ्तार पर लगा ब्रेक, जगह-जगह जाम
दरभंगा : मैट्रिक की परीक्षा जिला के 51 केंद्रों पर शुरू हो गई. गरुवार को प्रथम दिन अंग्रेजी विषय की दोनों पालियों में आयोजित परीक्षा में 1016 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे. 52009 परीक्षार्थियों में 50993 परीक्षार्थियों ने स्वच्छ एवं कदाचारमुक्त वातावरण में परीक्षा दी. पहले दिन किसी भी केंद्र से कदाचार की सूचना नहीं मिली.
सुबह से ही केंद्रों पर पहुंचने लगे परीक्षार्थी : सुबह से ही इसे लेकर परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की भीड़ उमड़ने लगी. इस बार सख्ती के चलते अधिकांश छात्र बिना जूता-मोजा पहने ही परीक्षा देने पहुंचे. हालांकि, जो छात्र जूता पहनकर पहुंचे, उन्हें जूता उतरवाकर ही केंद्र के भीतर प्रवेश दिया गया. अधिकांश परीक्षार्थियों को केंद्र ढूंढने में काफी समय लगा.
कई स्तर पर जांच से गुजरे परीक्षार्थी: नकल पर नकेल को लेकर परीक्षार्थियों को स्तर पर गहन जांच की गयी. परीक्षा केंद्र के मुख्य गेट से लेकर परीक्षा कक्ष में प्रवेश तक में जांच होती रही. परीक्षा कक्ष के अंदर भी परीक्षार्थियों को जांच से गुजरना पड़ा. प्रत्येक परीक्षा कक्ष में 25 परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था थी. परीक्षार्थियों की परीक्षा शुरू होने के 10 मिनट पहले तक ही प्रवेश करने की अनुमति थी.
केंद्रों का लेते रहे जायजा: डीएम डॉ त्यागराजन एसएम, एसएसपी बाबू राम परीक्षा केंद्रों पर नजर बनाये हुए थे. इनके अलावा जोनल, सुपर जोनल एवं उड़न दस्ता की टीम लगातार जायजा लेते रहे. परीक्षा केंद्रों के निरीक्षण के चलते परीक्षा कदाचारमुक्त शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई. इसके लिए केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है. वहीं वीडियोग्राफी कर भी निगरानी की जा रही थी.
लगा महाजाम : यूं तो प्रशासन की ओर से परीक्षा केंद्रों के समीप सड़क जाम के आसार को देखते हुए पुलिस बल को तैनात किया गया था, लेकिन इसका बहुत अधिक लाभ नजर नहीं आया. पहली पाली की परीक्षा समाप्त होते ही दरभंगा-लहेरियासराय मुख्य पथ तथा वीआइपी रोड जाम हो गया. करीब घंटे भर तक राहगीरों के साथ परीक्षार्थी इसमें कराहते रहे.
