कृषि के साथ पशुपालन व मछली पालन जरूरी
बेनीपुर : किसानों की आय में वृद्धि को लेकर कर्पूरी सभा भवन में बुधवार को किसान कल्याण कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसका उद्घाटन प्रमुख मनोज मिश्र, उपप्रमुख प्रेम कुमार झा, 20 सूत्री अध्यक्ष मिथिलेश राय ने संयुक्त रुप से किया. इस दौरान कृषि वैज्ञानिक अरुण कुमार पासवान ने कहा कि सरकार का संकल्प है […]
बेनीपुर : किसानों की आय में वृद्धि को लेकर कर्पूरी सभा भवन में बुधवार को किसान कल्याण कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसका उद्घाटन प्रमुख मनोज मिश्र, उपप्रमुख प्रेम कुमार झा, 20 सूत्री अध्यक्ष मिथिलेश राय ने संयुक्त रुप से किया. इस दौरान कृषि वैज्ञानिक अरुण कुमार पासवान ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि किसानों की आय 2022 तक दोगुनी कर दी जायेगी. इसके लिए किसानों को कृषि कार्य के साथ-साथ मत्स्य पालन,
पशुपालन एवं बागवानी कार्यों को भी करने की आवश्यकता है. वैज्ञानिक डॉ राजेंद्र प्रसाद ने किसानों से रासायनिक खाद के बदले जैविक एवं हरित खाद का उपयोग करने की सलाह देते हुए कहा कि हरित खाद से खेतों की उर्वरा में अत्यधिक वृद्धि होती है. आत्मा के परियोजना निदेशक शकील अख्तर अंसारी ने आत्मा द्वारा चलाये जा रहे सरकार की विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डालते हुऐ मिट्टी जांच सभी किसानों को कराने की सलाह दी. मौके पर बीएलओ अशोक कुमार, कृषि समन्वयक गोपी रमन झा, जैनेंद्र कुमार झा, कमल किशोर चौधरी, राजीव कुमार, अरविंद कुमार, किसान सलाहकार वरुण कुमार, विनय कुमार, अजित कुमार आदि मौजूद थे.
किसानों को दी गयी उन्नत खेती की जानकारी: बहेड़ी. राजीव ग़ांधी सेवा केंद्र में बुधवार को ग्राम स्वराज योजना के तहत किसान कार्यशाला का आयोजन किया गया. बीएओ अवधेश कुमार की अध्यक्षता में प्रमुख मुन्नी देवी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का उद्धघाटन किया. किसानों की आय दुगुनी करने के लिए सरकार के सात सूत्री कार्यनीति पर प्रकाश डाला गया. बीएओ अवधेश कुमार, पौधा संरक्षण वैज्ञानिक सुनील कुमार, बीएफओ ओमप्रकाश कुमार सहित कृषि समन्यवकों ने पर्याप्त बजट के साथ सिंचाई, मिटटी के स्वास्थ्य अनुरुप
गुणवत्तायुक्त बीज एवं पोषक तत्वों का उपयोग, फसल पश्चात हानियों से रोकने के लिए भंडारण में निवेश आदि योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला. कार्यशाला में एमएसपी जिला अध्यक्ष प्रदीप चौधरी, चंद्रभूषण सिंह, राजीव कुशवाहा, राधारमण मंडल, राम शोभा सिंह, विनोद मंडल, राजन सिंह, गंगा प्रसाद सिंह ने विचार व्यक्त किये.