प्रशासन ही जांच के बाद तैयार करता लाभुकों की सूची

अगर मुखिया दोषी, तो प्रशासनिक अधिकारी भी गुनहगार दरभंगा : बहेड़ी प्रखंड क्षेत्र के धनौली पंचायत के मुखिया सहित सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 30 लाभुकों पर दर्ज की गयी प्राथमिकी पर लोजपा के प्रदेश महासचिव सह हायाघाट के पूर्व पार्टी प्रत्याशी आरके चौधरी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने प्रशासनिक इस पहल की […]

अगर मुखिया दोषी, तो प्रशासनिक अधिकारी भी गुनहगार

दरभंगा : बहेड़ी प्रखंड क्षेत्र के धनौली पंचायत के मुखिया सहित सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 30 लाभुकों पर दर्ज की गयी प्राथमिकी पर लोजपा के प्रदेश महासचिव सह हायाघाट के पूर्व पार्टी प्रत्याशी आरके चौधरी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने प्रशासनिक इस पहल की निंदा करते हुए कहा कि बीपीएल के अंतर्गत आनेवाले लाभुकों की सूची की जांच-पड़ताल के बाद सरकारी कर्मी द्वारा तैयार की जाती है. मुखिया के सत्यापन के बाद अंतिम रूप से इसे प्रशासनिक कर्मी व अधिकारी ही मुहर लगाते हैं. अगर इस मामले में मुखिया दोषी हैं तो प्रशासनिक कर्मी व अधिकारियों का भी दोष है. यदि जनप्रतिनिधि पर प्राथमिकी दर्ज हो सकती है तो संबंधित पदाधिकारी पर क्यों नहीं हो सकती.
उन्होंने संबंधित एसडीओ व बीडीओ सहित अन्य संबंधित पदाधिकारियों पर भी प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है. श्री चौधरी ने कहा अगर गड़बड़ी हुई है तो प्रशासन भी बराबर या यूं कहें कि अधिक गुहनगहार है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जिला प्रशासन कार्रवाई नहीं करती है तो जनांदोलन किया जायेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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