प्रतिक्रिया. टेलीविजन के सामने लोगों के चेहरे के बदलते रहे हाव-भाव
गरीब हित चिंतक घोषणा पर लोग
बजाते रहे तालियां
दरभंगा : जिस घड़ी का महीनों से इंतजार कर रहे थे, आखिर वह पल आ ही गया. गुरुवार को सुबह से ही देश के आम बजट को लेकर लोगों में खासी दिलचस्पी नजर आ रही थी. घर में टेलीविजन पर जहां लोग बजट की जानकारी लेते रहे, वहीं काम काजी सोशल मीडिया के साथ ही अपने आसपास के लोगों से इस बाबत पूछते रहे. बजट आ जाने के बाद लोगों की प्रतिक्रिया मिलीजुली रही.
दरभंगा मेडिकल कॉलेज के समीप पंकज कुमार सपरिवार सुबह से ही टीवी से चिपके हुए थे. घर का काम-काज निबटाकर पत्नी भी पलंग पर आकर समय से पहले ही जम गयी थी. वित्त मंत्री अरूण जेटली ने सदन के पटल पर जैसे ही बजट पेश किया, इनलोगों की एकाग्रता बढ़ गयी. बच्चे भी शरीक थे. गरीब तबके के लिए बजट में की गयी घोषणाओं पर पूरा परिवार जहां खुशी से झूमता नजर आया, वहीं मध्यम वर्ग के लिए कुछ खास नहीं होने पर निराश भी दिखे.
इस दौरान बच्चे अपने माता-पिता से बजट के संबंध में जानकारी भी लेते रहे. किसानों के लिए इस बजट में केंद्र सरकार ने जो पिटारा खोला उसपर पंकज ने स्वागत किया तो महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन, पशुपाल एवं मछली पालन के लिए किसान क्रेडिट कार्ड, शिक्षकों को डिजिटल ट्रेनिंग, ट्रेनों में सीसीटीवी व वाइफाइ की सुविधा पर खुशी जाहिर की, वहीं आयकर का स्लैब नहीं बढ़ाये जाने को निराशाजनक बताया.
पंडासराय में शंकर पाठक के घर का नजारा भी कुछ ऐसा ही था. टीवी के सामने कुर्सियां सजा दी गयी थी. अगल-बगल के लोग भी शामिल हो गये थे. मिथिला क्षेत्र की रेल परियोजनाओं के संबंध में कुछ खास घोषणा नहीं होने पर निराशा जाहिर की. इस दौरान वहां मौजूद लोगों के बीच तर्क-वितर्क भी होता रहा. वहीं सेवानिवृत कर्मियों को आयकर में मिली राहत तथा दस करोड़ परिवार के स्वास्थ्य बीमा आदि की घोषणा का सभी ने स्वागत किया. खरीफ फसल के समर्थन मूल्य को डेढ़ गुणा किये जाने तथा सभी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य दिये जाने को देश के विकास के लिए नींव सरीखा बताया.
